भोपाल/इंदौर: मध्य प्रदेश के व्यापारी आज डिजिटल पेमेंट के खिलाफ एक अनोखा प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदेश भर के व्यापारिक संगठनों ने आज ‘नो-UPI डे’ (No-UPI Day) मनाने का एलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत व्यापारी ग्राहकों से ₹2000 से ज्यादा का UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे।
यह फैसला मुख्य रूप से भोपाल और इंदौर जैसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में सांकेतिक विरोध (Symbolic Protest) के रूप में लिया गया है, जहां व्यापारी अपनी दुकानों के क्यूआर कोड स्कैनर (QR Code Scanners) को काले कपड़े से ढककर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
- ₹2000 की सीमा: व्यापारी ₹2000 तक का छोटा डिजिटल भुगतान स्वीकार करेंगे, लेकिन उससे अधिक की राशि के लिए कैश या अन्य माध्यमों की मांग कर रहे हैं।
- काले कपड़े से ढकेंगे स्कैनर: विरोध जताने के लिए दुकानों पर लगे पेटीएम, फोनपे, गूगल पे जैसे क्यूआर कोड को काले कपड़े या स्टिकर से ढका जा रहा है।
- सांकेतिक प्रदर्शन: भोपाल और इंदौर के प्रमुख बाजारों में यह विरोध पूरी तरह से सांकेतिक है, ताकि आम जनता को ज्यादा परेशानी न हो लेकिन सरकार तक उनकी बात पहुंच सके।
क्यों हो रहा है यह विरोध?
व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन पर बढ़ते हिडन चार्जेस, बैंक सर्वर की समस्याएं और हाल ही में UPI नियमों में हो रहे बदलावों के कारण छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। इसी के विरोध में आज पूरे प्रदेश में ‘नो-UPI डे’ का आयोजन किया जा रहा है।


