- शहीद जवान का परिचय: मिलिट्री से रिटायर होने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में आए थे ओमप्रकाश तिवारी।
- सड़क पर मुस्तैदी: बाइक सवार संदिग्धों को रोकने के प्रयास में हाईवे के बीच पहुंचे थे आरक्षक।
- दबंगई और एक्शन: सिविल लाइन थाना पुलिस ने 12 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी ड्राइवर को दबोचा।
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर बुधवार देर शाम एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। नियमित वाहन चेकिंग के दौरान एक तेज रफ्तार अनियंत्रित मिनी लोडिंग वाहन ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश तिवारी को बुरी तरह कुचल दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल आरक्षक ने ग्वालियर के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात के बाद भाग रहे आरोपी चालक को पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में 12 किलोमीटर तक पीछा कर नूराबाद के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
दबिश देकर लौटी थी टीम, बाइक सवार को रोकने के दौरान हुआ हादसा
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदयभान यादव के मुताबिक, बुधवार को पुलिस टीम जनकपुर गांव में विवाद के एक मामले में दबिश देने गई थी। वहां से लौटने के बाद शाम करीब 6:30 बजे छौंदा टोल प्लाजा के पास नियमित चेकिंग पॉइंट लगाया गया था।
इसी दौरान बाइक पर सवार होकर जा रहे कुछ संदिग्ध युवकों को कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश तिवारी ने रुकने का इशारा किया। बाइक सवार रुकने के बजाय तेज रफ्तार में भागने लगे। उन्हें पकड़ने के लिए आरक्षक जैसे ही हाईवे के बीच तक पहुंचे, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार मिनी लोडिंग वाहन (क्रमांक UP 80 HP 5447) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और रौंदते हुए निकल गया।
ग्वालियर के अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस महकमे में शोक
हादसे के बाद टोल प्लाजा और हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। साथी पुलिसकर्मी खून से लथपथ ओमप्रकाश को तुरंत जिला अस्पताल मुरैना लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी बेहद नाजुक हालत को देखते हुए तत्काल ग्वालियर के बिरला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान रात लगभग 9 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
12 किलोमीटर तक पीछा कर दबोचा आरोपी ड्राइवर
घटना को अंजाम देने के बाद चालक वाहन लेकर ग्वालियर की तरफ भाग रहा था। थाना प्रभारी ने तुरंत अपनी गाड़ी से उसका पीछा शुरू किया। पुलिस टीम ने करीब 12 किलोमीटर तक लगातार पीछा करते हुए नूराबाद के पास घेराबंदी कर गाड़ी को रुकवा लिया। वाहन में सब्जियां भरी हुई थीं, जिसे police ने जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है।
देश और राज्य की सेवा में समर्पित था जीवन
हादसे का शिकार हुए आरक्षक ओमप्रकाश तिवारी (42 वर्ष) का सेवा रिकॉर्ड बेहद प्रेरणादायक रहा है। वे एमपी पुलिस में भर्ती होने से पहले भारतीय सेना (मिलिट्री) में 17 साल तक देश की सुरक्षा में तैनात रहे थे। वहां से रिटायर होने के बाद मई 2018 में वे मध्य प्रदेश पुलिस बल का हिस्सा बने। वर्तमान में वे मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ थे और मूल रूप से ग्वालियर के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी संगीता, 19 साल का बेटा आदित्य और 15 साल की बेटी राधिका हैं।
पुलिस ने आरोपी ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना (एक्सीडेंट) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।


