मुजफ्फरनगर: जन्माष्टमी की रात मंदिर जा रही नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म, मुख्य आरोपी समीर गिरफ्तार, इलाके में तनाव
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के छपार थाना क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर एक बेहद शर्मनाक और खौफनाक वारदात सामने आई है। जन्माष्टमी की रात को मंदिर जा रही एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
राधा के वेश में मंदिर जा रही थी पीड़िता
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित नाबालिग किशोरी (उम्र करीब 14-15 वर्ष) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर राधा का वेश धारण कर गांव के ही एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही समीर नामक एक युवक ने अपने दो अन्य साथियों की मदद से किशोरी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया और जबरन अपने घर ले गया।
आरोपी के घर से बरामद हुई किशोरी
देर रात तक जब किशोरी मंदिर से वापस अपने घर नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार वालों ने गांव और आसपास के क्षेत्रों में उसकी काफी खोजबीन की। तलाश के दौरान घर में रखे एक मोबाइल से एक संदिग्ध नंबर मिला, जो समीर का था। जब परिजन खोजते हुए आरोपी के घर पहुंचे, तो करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद किया गया। पीड़िता ने परिजनों को रोते हुए आपबीती सुनाई और आरोप लगाया कि समीर ने घर के अंदर ले जाकर उसके साथ दरिंदगी (दुष्कर्म) की वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी समीर गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़िता के पिता ने छपार थाने में आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस टीमों ने दबिश देकर मुख्य आरोपी समीर (पुत्र जनाब) को गिरफ्तार कर लिया है।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
सीओ सदर सुनील कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि वारदात में शामिल बताए जा रहे उसके अन्य दो साथियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है और उन्हें पकड़ने के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। घटना के बाद गांव में सांप्रदायिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।


