नई दिल्ली में आयोजित ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2026’ के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नीति और अर्थव्यवस्था पर बात करने के साथ-साथ देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने देश की छवि और राजनीतिक कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें श्रीहरिकोटा रॉकेट लॉन्चिंग से लेकर एक विशेष ‘प्रोडक्ट’ का मजेदार उदाहरण शामिल है। पीएम मोदी के इन तीखे हमलों ने दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। आखिर प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को लेकर ऐसा क्या कह दिया जिसे सुनकर सभी चौंक गए, जानने के लिए पढ़िए यह पूरी रिपोर्ट।
‘फेल्ड प्रोडक्ट’ को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर सीधा और बड़ा जुबानी हमला बोला। पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है, तब देश के भीतर कुछ लोग केवल अव्यवस्था और अशांति फैलाने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि कांग्रेस कब तक एक ही ‘फेल्ड प्रोडक्ट’ को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश करती रहेगी।
श्रीहरिकोटा से भी ज्यादा लॉन्चिंग कांग्रेस में हो रही है
इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र का उदाहरण देते हुए एक दिलचस्प तंज कसा। उन्होंने कहा कि सालभर में हमारे श्रीहरिकोटा से भी इतने रॉकेट या सैटेलाइट लॉन्च नहीं होते, जितनी बार कांग्रेस अपने नेता को राजनीतिक रूप से लॉन्च करने की नाकाम कोशिशें कर डालती है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने नेता की बार-बार की राजनीतिक विफलताओं को छिपाने और उन्हें बचाने के लिए देश के अंतरराष्ट्रीय मान-सम्मान और छवि को भी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हट रही है।
कांग्रेस पर ‘परजीवी’ और ‘दिमागी नक्सल’ होने का आरोप
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक शैली की आलोचना करते हुए उसे एक ‘परजीवी’ (Parasite) पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी पार्टी बन चुकी है जो खुद तो आगे नहीं बढ़ती और दूसरों को भी तरक्की करने का मौका नहीं देती है। इसके साथ ही उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर ‘दिमागी नक्सल’ इस कदर हावी हो चुके हैं कि पार्टी अब खुद के विवेक से कुछ भी सोचने-समझने की क्षमता पूरी तरह खो चुकी है। विदेश जाकर भारत को बदनाम करने की मानसिकता
विदेश जाकर भारत को बदनाम करने की मानसिकता
पीएम मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि जब भारत डिजिटल इनोवेशन और सबसे तेज आर्थिक विकास दर के साथ वैश्विक मंच पर एक मजबूत नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर रहा है, तब विपक्ष के कुछ नेता विदेशों में जाकर देश की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हैं और भारत को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी राजनीति केवल अपने स्वार्थ के लिए देश के हितों को नुकसान पहुँचाने का काम करती है।
बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में वैश्विक संस्थाओं पर उठाए सवाल
पीएम मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि आज दुनिया एक नई व्यवस्था की तलाश कर रही है। उन्होंने बदलते परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान समय में व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्गों का ‘वेपनाइजेशन’ (हथियारीकरण) किया जा रहा है, जो भू-राजनीतिक तनाव का कारण बन रहा है। पीएम मोदी ने चाणक्य के संस्कृत मंत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जब नियम-कानून कमजोर पड़ते हैं, तो बड़ी मछली द्वारा छोटी मछली को निगल जाने जैसी स्थिति पैदा होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को इस स्थिति से बचाने के लिए मजबूत वैश्विक संस्थाओं की जरूरत है और भारत इस दिशा में एक समाधान के रूप में उभर रहा है।
मिडिल क्लास को पीएम मोदी का मजाकिया ‘टैक्स रिमाइंड’
संबोधन के दौरान देश के मध्यम वर्ग के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में करदाताओं को लागू टैक्स व्यवस्था की याद दिलाई। पीएम मोदी ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो मिला वो हजम, ऐसा नहीं चलता बल्कि लोगों को बार-बार याद दिलाना पड़ता है। उन्होंने याद दिलाया कि मौजूदा लागू टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय पर कोई टैक्स देनदारी (Zero Tax Liability) नहीं बनती है, जिससे देश के नौकरीपेशा वर्ग को बहुत बड़ी सालाना बचत हो रही है।
‘बैक ऑफिस’ नहीं, अब दुनिया का ‘ब्रेन ऑफिस’ है भारत
भारत की तकनीकी और रिसर्च प्रगति को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वह समय चला गया जब भारत को सिर्फ दुनिया का ‘बैक ऑफिस’ माना जाता था। उन्होंने गर्व से कहा कि जो दुनिया पहले भारत की ‘ब्रेनपावर’ पर निर्भर थी, वह अब देश की ‘माइंड पावर’ पर भी पूरा भरोसा करती है। भारत अब केवल दूसरों का काम नहीं संभाल रहा, बल्कि दुनिया की बड़ी समस्याओं के लिए सेमीकंडक्टर चिप डिजाइनिंग और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में खुद नए समाधान और तकनीकों को विकसित कर वैश्विक नेतृत्व कर रहा है। देश में साल 2025 में करीब 1.5 लाख पेटेंट फाइल होना इसी नई प्रगति का प्रमाण है।


