Monday, September 21, 2026

TOP NEWS

गंजबासौदा में पुलिस का...

गंजबासौदा में पुलिस का कड़ा एक्शन: शराब पीकर वाहन चलाने वालों और ट्रिपल...

जिला सहकारी बैंक की...

जिला सहकारी बैंक की नवनिर्वाचित प्रबंध समिति का स्वागत, स्वामी यतीश्वरानंद और मंत्री...

भोपाल में सनसनीखेज वारदात:...

भोपाल के खजूरी सड़क इलाके में दतिया की महिला RTO इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले और पवन द्विवेदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत। पुलिस को मौके पर मिला खून से सना हथौड़ा, जांच जारी। पूरी खबर पढ़ें।

चेहरे पर कालिख और...

पुणे में मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे पर आपत्तिजनक रील बनाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे के चेहरे पर कार्यकर्ताओं ने कालिख पोती। सिर पर चप्पल रखकर उठक-बैठक कराई और रोते हुए माफी मंगवाई। जानिए क्या है पूरा मामला।
Homeमध्य प्रदेशसरदारपुर तहसील में बारिश की खिंच से फसलें सूखी, तालाब खाली -...

सरदारपुर तहसील में बारिश की खिंच से फसलें सूखी, तालाब खाली – किसान और पशु दोनों संकट में, सरदारपुर को सूखाग्रस्त घोषित कर नर्मदा लिंक का पानी तालाबों में छोड़ा जाए

सरदारपुर तहसील में बारिश की खिंच से फसलें सूखी, तालाब खाली – किसान और पशु दोनों संकट में, सरदारपुर को सूखाग्रस्त घोषित कर नर्मदा लिंक का पानी तालाबों में छोड़ा जाए

सरदारपुर से दशरथ पाटीदार

सरदारपुर (धार)। सरदारपुर तहसील में इस बार बारिश की लंबी खिंच के कारण किसान के साथ-साथ पशुधन भी संकट में आ गया है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं और सोयाबीन की फसल पीली पड़कर सूखने लगी है। उत्पादन पर 50-60% नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अगली फसल गेहूं-चने की बोवनी को लेकर भी किसान चिंतित हैं।

सबसे बड़ी समस्या तालाबों की है – वर्तमान में तहसील के अधिकांश तालाब, तलैया और जलाशय पूरी तरह खाली पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के पीने के पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में पशुपालकों को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

किसानों की शासन से मांग –

  1. पूरे तहसील में फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए।
  2. सरदारपुर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
  3. विशेष मांग – वर्तमान में जो तालाब खाली पड़े हैं, उनमें नर्मदा लिंक परियोजना के पानी को छोड़ा जाए। यदि नर्मदा का पानी समय रहते हमारे तालाबों में डाल दिया जाता है तो कम से कम पशुओं के पीने के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो सकेगी और जमीन में नमी भी बनी रहेगी, जिससे रबी की फसल की उम्मीद बनी रहेगी।

किसान अन्नदाता के साथ-साथ पशुपालक भी है, इसलिए फसल के साथ-साथ पशुधन को बचाना भी जरूरी है। शासन इस जनहित की मांग पर शीघ्र निर्णय ले।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments