सूर्यापेट (तेलंगाना): तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। हैदराबाद-खम्मम राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार लग्जरी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिसके तुरंत बाद गाड़ी में भीषण आग लग गई। कार चला रहे खम्मम के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. के. जगदीश कार का सेंट्रल लॉक न खुलने और सीट बेल्ट में फंसे होने के कारण बाहर नहीं निकल पाए और गाड़ी के अंदर ही जिंदा जल गए।
खम्मम के ममता हॉस्पिटल में HOD थे डॉ. जगदीश
हादसे का शिकार हुए 50 वर्षीय डॉ. कासकुर्ती जगदीश खम्मम जिले के प्रतिष्ठित ममता मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जरी विभाग के हेड (HOD) थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. जगदीश अपनी कार से खम्मम से हैदराबाद में रह रहे अपने परिवार से मिलने जा रहे थे, तभी यह हादसा पिल्ललमारी फ्लाईओवर के पास हुआ।
CCTV में कैद हुआ रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर
इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में देखा जा सकता है कि तेज रफ्तार कार अचानक फास्ट लेन से बाईं ओर तेजी से मुड़ी और आउटर डिवाइडर की लोहे की ग्रिल से जा टकराई। टक्कर लगते ही कार के अगले हिस्से से जोरदार धमाका हुआ और कुछ ही सेकेंडों में पूरी कार आग की लपटों से घिर गई।
‘नींद की झपकी’ बनी हादसे की वजह!
शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, डॉ. जगदीश हादसे से पहले देर रात तक अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि नींद पूरी न होने और थकान की वजह से सुबह गाड़ी चलाते समय उन्हें झपकी आ गई, जिससे वे कार पर से नियंत्रण खो बैठे।
सीट बेल्ट के कारण फंसे, गेट काटकर निकाला शव
मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
जब पुलिस टीम कार के पास पहुंची, तो ड्राइविंग सीट पर डॉक्टर का शव सीट बेल्ट से बंधा हुआ मिला। भीषण आग और सेंट्रल लॉकिंग की वजह से वे समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। पुलिस को गाड़ी का गेट काटकर शव को बाहर निकालना पड़ा। पुलिस ने टोल-प्लाजा के रिकॉर्ड और कार के अस्थायी रजिस्ट्रेशन नंबर से डॉक्टर की पहचान की। सूर्यापेट पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला सरकारी अस्पताल भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
