Sunday, October 25, 2026

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दिनभर के वो सभी बड़े और तीखे राजनीतिक बयान, जिन्होंने देश की सियासत में भूचाल ला दिया

नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026:
आज सोमवार को दिल्ली से लेकर चेन्नई तक देश का राजनीतिक पारा बेहद गर्म रहा। संसद परिसर, विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज पक्ष-विपक्ष के दिग्गजों ने एक-दूसरे पर सीधे और तीखे हमले किए। छात्र आंदोलन, सरकारी जांच एजेंसियों, राज्यों के चुनावी फैसलों और क्षेत्रीय स्वाभिमान को लेकर आज दिनभर में आए सभी बड़े राजनीतिक बयानों की पूरी विस्तृत रिपोर्ट:

1. “सामान्य भाषण नहीं, गृहमंत्री सीधे संसद में बताएं कि छात्रों पर पैलेट गन किसने चलवाई?” — राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश में चल रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कड़ा बयान दिया:

“हम संसद में किसी सामान्य भाषण को सुनने में रुचि नहीं रखते। गृह मंत्री अमित शाह को सीधे जवाब देना चाहिए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल करने की अनुमति किसने दी? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पास संसद में आकर इस पुलिसिया कार्रवाई की जिम्मेदारी लेने का साहस नहीं है। छात्रों को समझना चाहिए कि यह सरकार उनकी बात सुनना भी जरूरी नहीं समझती।”

2. “केंद्रीय एजेंसियां किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं, ये भारत के लोगों की हैं” — विपक्ष का संयुक्त वार

सदन के बाहर विपक्षी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा एक बार फिर पुरजोर तरीके से उठाया। राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

“केंद्रीय एजेंसियां प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हैं। ये भारत के लोगों की हैं और इनका इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध या विपक्ष की आवाज दबाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।”

3. “आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों से अब कोई बातचीत नहीं होगी” — रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

आज दिल्ली में आयोजित एक सुरक्षा कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की विदेश और रक्षा नीति पर सरकार का रुख बेहद कड़े शब्दों में साफ किया। पड़ोसी देशों को कड़ा संदेश देते हुए उन्होंने कहा:

“भारत आज रक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो रहा है और हम 100 से अधिक देशों को रक्षा उत्पाद निर्यात कर रहे हैं। हमारी वायुसेना और सेनाएं स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम से लैस हैं। जहां तक कूटनीति का सवाल है, भारत का रुख स्पष्ट है—जो देश आतंकवाद को खाद-पानी देते हैं और उसे बढ़ावा देते हैं, उनसे किसी भी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।”

4. “अगर जनता का फैसला स्वीकार नहीं कर सकते, तो DMK राजनीति में क्यों है?” — सीएम विजय का तीखा पलटवार

तमिलनाडु विधानसभा में आज मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विपक्ष (DMK) पर बेहद आक्रामक रूप अपनाते हुए सीधा हमला बोला। हाल ही में डीएमके के एक वरिष्ठ नेता द्वारा दिए गए विवादित बयान (जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने डीएमके को वोट नहीं दिया उन्हें ‘अच्छी मौत नसीब नहीं होगी’) पर जवाब देते हुए सीएम विजय ने कहा:

“मुझे समझ नहीं आता कि कोई ऐसा बयान कैसे दे सकता है, जब इसी जनता ने 50 सालों तक डीएमके को वोट दिया है! अगर आप लोगों का फैसला शालीनता से स्वीकार नहीं कर सकते, तो डीएमके को राजनीति में रहने का क्या अधिकार है? हमारी सरकार में पुलिस बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के काम करेगी और महिलाओं के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

5. “यह ‘मन की बात’ का उपदेश देने का नहीं, ‘जनता की चिंता’ सुनने का समय है” — कांग्रेस पार्टी

कांग्रेस पार्टी ने आज भारत जोड़ो यात्रा की वर्षगांठ के मौके पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए केंद्र सरकार की कार्यशैली पर चौतरफा हमला बोला। पार्टी ने कहा:

“यह यात्रा टेलीविजन पर आकर एकतरफा संवाद या ‘मन की बात’ का उपदेश देने के लिए नहीं थी, बल्कि जमीन पर जाकर ‘जनता की चिंता’ को सुनने और उसका समाधान करने के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुई है। सरकार को अपनी आंखें खोलनी होंगी।”

6. “सत्य निकेतन हादसे के असली गुनहगारों को छिपाकर छोटे अफसरों पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है” — दिल्ली पीजी हादसे पर घमासान

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक पीजी (PG) हादसे को लेकर आज दिनभर तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई। हादसे में छात्रों की मौत के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए कहा कि “लापरवाही बरतने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा”।

इस पर पलटवार करते हुए विपक्ष ने आरोप लगाया:

“बीजेपी सरकार का एक फिक्स पैटर्न बन चुका है। बड़े हादसों के बाद हमेशा कुछ कनिष्ठ (जूनियर) अधिकारियों को सस्पेंड कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, जबकि मुख्य प्रशासनिक और राजनीतिक पदों पर बैठे बड़े लोग जवाबदेही से साफ बच निकलते हैं। सरकार दिल्ली में छात्रों के आवास संकट को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है।”

7. “6 अक्टूबर का सेमीफाइनल तय करेगा कि जनता किसके साथ है” — उपचुनावों के ऐलान पर दलों की हुंकार

आज भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा देश की महत्वपूर्ण सीटों पर उपचुनावों की तारीखों की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों के बयान आने शुरू हो गए हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम की सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले मतदान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC), द्रमुक (DMK) और बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। क्षेत्रीय नेताओं ने कहा कि यह चुनाव केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा जवाब होगा।

8. “सहारनपुर में ऐतिहासिक मस्जिद को गिराना भारतीय लोकतंत्र पर कलंक है” — मलिक मोतसिम खान (JIH)

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्टरेट परिसर में एक ऐतिहासिक मस्जिद को गिराए जाने के मामले पर जमात-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने आज एक बेहद कड़ा और आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा:

“मस्जिद को ढहाना राजनीतिक गुलामी और चाटुकारिता का एक अक्षम्य उदाहरण है। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा डिमोलिशन (ध्वस्तीकरण) को लेकर दिए गए स्पष्ट निर्देशों का खुला उल्लंघन है। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के इशारे पर एक विशेष समुदाय को प्रताड़ित करने की होड़ में लगी है, जो लोकतंत्र पर एक गहरा कलंक है।”

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