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उगनपुर मरौरी का पंचायत भवन जर्जर, एक साल से नहीं खुला सचिवालय

उगनपुर मरौरी का पंचायत भवन जर्जर, एक साल से नहीं खुला सचिवालय

बीसलपुर। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम उगनपुर मरौरी में ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया पंचायत भवन बदहाली का शिकार है। करीब एक वर्ष से पंचायत सचिवालय नहीं खुला है।

ग्रामीणों के मुताबिक पंचायत भवन का निर्माण इस उद्देश्य से कराया गया था कि यहां अधिकारियों की बैठक हो और ग्रामीण अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखकर उनका समाधान करा सकें। पंचायत सचिवालय के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं और पंचायत संबंधी कार्यों की सुविधाएं मिलनी थीं। आरोप है कि निर्माण के बाद भवन उपयोग में नहीं आया।

मौके पर पंचायत भवन की छत और दीवारों की स्थिति खराब दिखाई दे रही है। छत पर रखे वाटर टैंक भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कुछ टैंक छत से नीचे की ओर लटक रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीण हिमांशु ने बताया कि पंचायत भवन लंबे समय से बंद पड़ा है। बारिश के मौसम में सैलाब आने पर भवन परिसर में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता है। इससे ग्रामीणों को वहां पंचायत संबंधी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने भवन की स्थिति और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।

जलभराव को देखते हुए पंचायत भवन के निर्माण स्थल, जलनिकासी व्यवस्था और तकनीकी निरीक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा गया होता तो भवन परिसर में पानी भरने की स्थिति नहीं बनती। इससे टेक्नीशियन और संबंधित इंजीनियर की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

बताया गया कि पंचायत भवन का निर्माण ग्राम प्रधान प्रवीण कुमार (पिंटू) और सचिव मुकेश राणा की देखरेख में कराया गया था। भवन को लेकर जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

इस संबंध में बीडीओ सर्वेश कुमार से बात की गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि भवन की बदहाली और निर्माण संबंधी खामियों के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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