उज्जैन श्मशान में जलती चिता से मांस खाने का वीडियो वायरल: किन्नर अघोरी काली नंद गिरी पर भड़के संत, FIR की मांग
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट से सोशल मीडिया पर एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो में खुद को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी एक जलती हुई चिता से धारदार हथियार (तलवार) की मदद से कुछ निकालकर (दावे के मुताबिक मानव मांस) खाती हुई नजर आ रही हैं। इस वीडियो के इंस्टाग्राम पर पोस्ट होते ही हड़कंप मच गया है और सनातन धर्म के साधु-संतों व अघोरी संप्रदाय में भारी नाराजगी है।
सोशल मीडिया पर किया लाइव प्रदर्शन
मूल रूप से तेलंगाना की रहने वाली 27 वर्षीय काली नंद गिरी सोशल मीडिया पर अपने अघोरी दावों को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर की गई इस कथित तंत्र क्रिया का वीडियो उन्होंने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया। वीडियो में वह हाथ में तलवार लिए श्मशान में घूमती और चिता के पास तांत्रिक गतिविधियां करती दिख रही हैं।
अघोर परंपरा का अपमान: संत समाज
इस वीडियो के वायरल होने के बाद महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि सहित उज्जैन के प्रमुख संतों ने इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा की है। संतों का कहना है कि अघोर परंपरा और तंत्र साधना बेहद गोपनीय, मर्यादित और कड़े नियमों के तहत होती है। इस तरह सरेआम सोशल मीडिया पर इसका प्रदर्शन करना केवल पब्लिसिटी स्टंट और सनातन संस्कृति का अपमान है।
पुलिस में शिकायत, कानूनी कार्रवाई की मांग
मामले को गंभीरता से लेते हुए अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने उज्जैन पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मृत शरीर के अवशेषों के साथ छेड़छाड़ की गई है और आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। संतों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन इस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रहा है और श्मशान घाट के आसपास लगे कैमरों व चश्मदीदों से जानकारी जुटा रहा है।


