Tuesday, August 25, 2026

TOP NEWS

मध्य प्रदेश में युवाओं...

मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए बड़ा फैसला: अब '5वीं कैटेगरी' से होगी...

हिजाब पहनने की याचिका...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: स्कूलों में हिजाब पहनने की इजाजत देने से...

Honda ADV 160 Launched:...

भारतीय बाजार में धमाका: 1.70 लाख में लॉन्च हुआ होंडा ADV 160, एथेनॉल...

इंदौर में भू-माफिया मुख्तियार...

इंदौर में भू-माफिया मुख्तियार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 4 करोड़ की अवैध...
Homeदेश25 August UPI के 10 साल: जानिए कैसे 10 वर्षों में 13,000...

25 August UPI के 10 साल: जानिए कैसे 10 वर्षों में 13,000 गुना बढ़ा डिजिटल पेमेंट

यूपीआई के 10 साल: डिजिटल भारत का सबसे बड़ा क्रांति-पथ, 13,000 गुना बढ़ा ट्रांजैक्शन वॉल्यूम

विशेष रिपोर्ट:

नई दिल्ली: भारत में डिजिटल लेनदेन की दिशा और दशा बदलने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने आज, 25 अगस्त को अपनी सफलता के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 25 अगस्त 2016 को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म आज देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बन चुका है। चाय की छोटी दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल्स तक, यूपीआई ने कैश पर भारत की निर्भरता को लगभग समाप्त कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी UPI के 10 साल पूरे होने पर एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने कहा, '10 साल पहले UPI की शुरुआत भारत की डिजिटल पेमेंट यात्रा में एक "बड़ा मोड़" साबित हुई। UPI का दायरा और पहुंच ऐसी है कि हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए। मुझे अपने UPI अनुभव के बारे में बताएं और यह भी कि इसने आपकी जिंदगी पर क्या असर डाला।'

किसने किया था पहले ट्रांजैक्शन?

11 अप्रैल, 2016 को RBI के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन ने नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के तत्कालीन एमडी और सीईओ ए पी होता को ₹5,000 ट्रांसफर करके पहला यूपीआई ट्रांजैक्शन किया था। अगस्त 2016 में इसे आधिकारिक रूप से आम लोगों के लिए लॉन्च किया गया था। आज दुनिया में होने वाले हर दो रियल-टाइम पेमेंट में से लगभग एक UPI प्लेटफॉर्म पर होता है।

10 वर्षों में 13,000 गुना की ऐतिहासिक बढ़त

​शुरुआती दौर में एक प्रयोग के रूप में देखा जाने वाला यूपीआई आज आंकड़े और इस्तेमाल के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा रिटेल पेमेंट सिस्टम बन गया है। बीते 10 वर्षों में इसके कुल ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 13,000 गुना से अधिक का उछाल दर्ज किया गया है।

  • आंकड़ों की नजर में सफर: वर्ष 2016 में जहां हर महीने महज कुछ लाख लेनदेन होते थे, वहीं आज प्रतिमाह अरबों के ट्रांजैक्शन यूपीआई के जरिए निपटाए जा रहे हैं।
  • वैश्विक पहचान: फ्रांस, सिंगापुर, यूएई (UAE), नेपाल और भूटान जैसे देशों में भी भारतीय यूपीआई की स्वीकार्यता शुरू हो चुकी है, जिसने भारतीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल पहचान दिलाई है।

कैशलेस इकोनॉमी और वित्तीय समावेशन

​यूपीआई ने न केवल शहरी मध्यमवर्ग को जोड़ा, बल्कि देश के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को पहुंचाया है। जनधन बैंक खातों और सस्ते इंटरनेट के साथ मिलकर यूपीआई ने एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया, जिसने रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे व्यापारियों को मुख्यधारा के बैंकिंग नेटवर्क से सीधे जोड़ दिया।

भविष्य की राह: एआई और ऑटो-पे

​अगले चरण में यूपीआई अब वॉइस-बेस्ड पेमेंट्स (Voice-based payments), एआई-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और क्रेडिट ऑन यूपीआई (Credit on UPI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। एनपीसीआई (NPCI) का लक्ष्य आने वाले वर्षों में प्रतिदिन 1 अरब से अधिक ट्रांजैक्शन का आंकड़ा पार करना है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments