रुड़की के नगला इमरती में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे को लेकर बवाल, डीएम और चकबंदी कोर्ट के आदेश भी बेअसर
अर्जुन धारीवाल
रुड़की। तहसील रुड़की के ग्राम नगला इमरती में ग्राम सभा की जमीन पर कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक आदेशों के बाद भी कब्जा न हटने से ग्राम पंचायत में भारी रोष है।
ग्राम प्रधान फरीन ने इस मामले में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की को शिकायती पत्र सौंपा है। प्रधान का आरोप है कि जिलाधिकारी हरिद्वार और चकबंदी न्यायालय द्वारा ग्राम सभा के पक्ष में स्पष्ट आदेश पारित किए जा चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक जमीन पर दखल नहीं दिलाया गया है।
शिकायती पत्र के अनुसार विवादित जमीन ग्राम सभा की है। इस पर विपक्षी पक्ष द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि विपक्षी का प्रार्थना पत्र न्यायालय द्वारा पहले ही खारिज किया जा चुका है और इस मामले में किसी भी न्यायालय से कोई स्थगन आदेश (स्टे) भी नहीं है। इसके बावजूद विपक्षी राजनीतिक रसूख और दबाव का इस्तेमाल कर प्रशासन के आदेशों को मानने से इनकार कर रहा है।
प्रधान फरीन का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों के आदेशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है, जिससे ग्राम सभा की संपत्ति पर कब्जा बरकरार है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने तहसीलदार रुड़की और पुलिस बल की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर तत्काल कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। निर्देशों के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची भी, लेकिन अभी तक कब्जा मुक्त कराने की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर ग्राम सभा की जमीन को जल्द कब्जा मुक्त नहीं कराया गया तो यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है।
अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त करा पाएगा।
