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गुरु-शिष्य परंपरा को नमन: शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य आयोजन

📰 गुरु-शिष्य परंपरा को नमन – पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य आयोजन
📌 “संस्कारों से सजे, ज्ञान से दमके – गुरुजनों को समर्पित रहा यह दिन”

लखीमपुर खीरी। पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सीबीएसई बोर्ड में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर यूपी व सीबीएसई बोर्ड का संयुक्त भव्य कार्यक्रम हर्षोल्लास व आदर के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. हेमंत पाल (प्राचार्य, युवराज दत्त महाविद्यालय), उपाध्यक्ष घनश्याम दास तोलानी, प्रबंधक रवि भूषण साहनी, कोषाध्यक्ष विमल अग्रवाल व दोनों प्रधानाचार्यों द्वारा मां सरस्वती और डॉ. राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन से हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. पाल ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र के निर्माता हैं और शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि चरित्र निर्माण है। उन्होंने छात्रों से गुरुओं का आदर करने और जीवन में अनुशासन अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षकों लाल जी अवस्थी, देवी प्रसाद तिवारी, हरी प्रसाद तिवारी, उमेश चंद्र व विजय शंकर शर्मा को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रबंध समिति द्वारा सभी आचार्यों व आचार्या बहनों को भेंट देकर सम्मानित किया गया।

बहन तृप्ति के “गुरुवर तुमको देखकर” गीत और बहन वैष्णवी के “राम को देखकर” भजन ने सभी को भावुक कर दिया। विद्यालय की परंपरा के अनुसार छात्र संसद ने आचार्य व आचार्या का दायित्व निभाया और पूरे दिन की प्रशासनिक व शैक्षिक व्यवस्थाओं का संचालन किया।

प्रबंधक रवि भूषण साहनी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा – “हमारा उद्देश्य केवल विद्या का प्रसार नहीं, बल्कि संस्कार और चरित्र निर्माण भी है।”

कार्यक्रम का संचालन बहन भाव्या त्रिपाठी व साक्षी पांडेय ने किया।

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