Tuesday, October 20, 2026

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छतरपुर मैं जिंदा हूं साहब, मेरी जमीन छीन ली, छतरपुर में 18 साल पहले कागज में मरा बुजुर्ग आया सामने

छतरपुर में जिंदा व्यक्ति को कागजों में मृत बताकर छीन ली गई जमीन, 18 साल बाद पता चला तो शिकायत ले जनसुनवाई में पहुंचा बुजुर्ग.

छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर में जनसुनवाई के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया, जिसने अधिकारियों की जिम्मेदारी और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया. लवकुशनगर में जनसुनवाई के दौरान जब एक बुजुर्ग सौखी अहिरवार पहुंचे और बोले, साहब, मैं जिंदा हूं. ये सुन कलेक्टर पार्थ जैसवाल सहित वहां मौजूद सभी अधिकारी हैरान रह गए. दरअसल, सरकारी रिकॉर्ड में सौखी अहिरवार को 2007 से मृत घोषित कर दिया गया था और उनकी जमीन किसी और के नाम कर दी गई थी.

मौत का प्रमाण पत्र बना कर जमीन हथियाई

छतरपुर की चंदला तहसील के ग्राम बछौना निवासी सौखी अहिरवार मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे थे. उन्होंने कलेक्टर को बताया कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं और कम सुनते हैं. उन्होंने बताया कि ग्राम सचिव ने उनके नाम से 10 जुलाई 2007 को झूठा मृत्यु प्रमाण पत्र बना दिया और फिर ग्राम पंचायत की नामांतरण पंजी में प्रस्ताव क्रमांक 12 के तहत 22 अक्टूबर 2007 को उनकी जमीन देवीदीन अहिरवार के नाम कर दी.

सौखी ने बताया कि इस जमीन का पट्टा उन्हें शासन से आवंटित किया गया था, जिसमें खसरा नंबर 901, 902, 909 और 910 की कुल 1.566 हेक्टेयर भूमि शामिल है. यह भूमि वर्षों से उनके स्वामित्व में थी. जमीन की केवाईसी के लिए जब वे हाल ही में संबंधित कार्यालय गए, तब उन्हें पता चला कि वे तो कागजों में मर चुके हैं और उनकी जमीन अब किसी और के नाम है.

जानबूझकर प्रमाण पत्र बनाकर छीनी गई जमीन

जानबूझकर प्रमाण पत्र बनाकर छीनी गई जमीन’

पीड़ित के वकील महाप्रसाद अहिरवार ने बताया कि “ग्राम सचिव ने जानबूझकर केवाईसी के बहाने बुजुर्ग से जानकारी ली और फिर गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर उनकी जमीन पर कब्जा करवा दिया.” उन्होंने बताया कि “सौखी अहिरवार के 2 बेटे और 2 बेटियां हैं, लेकिन अब तक उनका मृत्यु प्रमाण पत्र रद्द नहीं हुआ है और मामला एसडीएम कार्यालय में विचाराधीन है.”

मौत का प्रमाणपत्र बना कर जमीन हथियाई

एक जैसे नाम का फायदा उठाया गया’

लवकुशनगर एसडीएम राकेश शुक्ला ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि “जनसुनवाई में यह गंभीर मामला सामने आया है. जांच में पाया गया कि गांव में एक ही नाम और पिता के नाम वाले दो व्यक्ति हैं, जिसका फायदा उठाकर फर्जीवाड़ा किया गया.” उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने बुजुर्ग की बात सुनते ही तत्काल जांच के आदेश दिए और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीड़ित को न्याय मिले. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी.

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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