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मालेगांव केस में बरी होने के बाद कांग्रेस पर साध्वी प्रज्ञा का हमला कहा- हिंदू आतंकवाद” का नारा देने वालों का मुंह हुआ काला

बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 2008 के मालेगांव बम धमाके मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उन्होंने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से भगवा, हिंदुत्व और सनातन धर्म की विजय हुई है और उन लोगों का मुंह काला हुआ है, जिन्होंने भगवा को आतंकवाद का नाम दिया था।

17 साल पुराने मालेगांव ब्लास्ट में सभी आरोपी बरी

यह मामला महाराष्ट्र के मालेगांव में 17 साल पहले हुए बम धमाके से जुड़ा है। गुरुवार को NIA की विशेष अदालत ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस केस के सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस बम धमाके में बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा को मुख्य आरोपी माना जा रहा था। अपने फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता।

कांग्रेस पर साध्वी प्रज्ञा का तीखा वार

कोर्ट से बरी होने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट का सहारा लेते हुए कांग्रेस पर सीधे तौर पर हमला बोला। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “भगवा आतंकवाद और हिंदू आतंकवाद के जन्मदाता कांग्रेस सहित सभी विधर्मियों का मुंह काला हो गया।” उन्होंने कोर्ट के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे भगवा, हिंदुत्व और सनातन की जीत बताया। उन्होंने सभी सनातनी और देशभक्त लोगों को इस विजय पर बधाई भी दी।

साध्वी प्रज्ञा का भावुक कर देने वाला बयान

गुरुवार को बरी किए जाने के बाद साध्वी प्रज्ञा कोर्ट में काफी भावुक हो गई थीं। उन्होंने रोते हुए कहा था कि उन्हें 13 दिनों तक टॉर्चर किया गया। उन्होंने बताया कि वह एक संन्यासी जीवन जी रही थीं, लेकिन इस मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद उन्हें बहुत अपमान सहना पड़ा और उन्हें आतंकवादी बना दिया गया। साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि उन्होंने 17 सालों तक इस संघर्ष को झेला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के जरिए भगवा रंग को कलंकित करने की कोशिश की गई थी।

क्या था 2008 का मालेगांव बम धमाका?

यह घटना 29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हुई थी। मस्जिद के पास खड़ी एक मोटरसाइकिल में हुए बम ब्लास्ट में 6 लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच एजेंसी ने खुलासा किया था कि बम धमाके में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा के नाम पर थी। इसके बाद उन्हें 23 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने साध्वी प्रज्ञा को जमानत दे दी थी। इसी मामले में सुनवाई करते हुए एनआईए स्पेशल कोर्ट ने अब साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।

नारायण शर्मा
नारायण शर्मा
एन टी वी टाइम न्यूज में मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ के लिए काम करता हूं।
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