भोपाल/इंदौर:
गुजरात से आकर मध्य प्रदेश में छिपे एक बड़े शातिर महाठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अलग-अलग राज्यों के लोगों से करीब 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। वह लोगों पर प्रभाव जमाने और खुद को बड़ा बिजनेसमैन दिखाने के लिए लग्जरी कारों, महंगे आईफोन और वीआईपी लाइफस्टाइल का इस्तेमाल करता था। जांच में सामने आया है कि इस ठगी का जाल भारत ही नहीं, बल्कि हांगकांग तक फैला हुआ था।
मध्य प्रदेश को बनाया था अपना ठिकाना
आरोपी मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है। गुजरात पुलिस और अन्य राज्यों की एजेंसियों से बचने के लिए उसने मध्य प्रदेश में शरण ली थी और यहीं से अपना नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था। पुलिस को भनक न लगे, इसके लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। हालांकि, सटीक इनपुट के बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया।
65 बैंक खाते और 20 शेल कंपनियाँ
जांच अधिकारियों के मुताबिक, इस ठगी को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया था। आरोपी के पास से और उसके नेटवर्क से जुड़े कुल 65 बैंक खाते मिले हैं, जिनका इस्तेमाल करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता था। इसके साथ ही, काली कमाई को सफेद करने (Money Laundering) और टैक्स चोरी के लिए 20 शेल (फर्जी) कंपनियाँ बनाई गई थीं। इन कंपनियों का कागजों पर तो वजूद था, लेकिन जमीन पर कोई कामकाज नहीं होता था।
हांगकांग तक जुड़ा है नेटवर्क
पुलिस पूछताछ और शुरुआती वित्तीय फॉरेंसिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ठगी की रकम का एक बड़ा हिस्सा विदेशी खातों में ट्रांसफर किया गया है। आरोपी का नेटवर्क हांगकांग तक फैला हुआ है। पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट में कुछ विदेशी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय हवाला कारोबारी भी शामिल हो सकते हैं।
दिखावे से जाल में फंसाता था शिकार
ठग का तौर-तरीका बेहद हाई-प्रोफाइल था। वह महंगी और लग्जरी गाड़ियों में घूमता था और हमेशा लेटेस्ट मॉडल के आईफोन पास रखता था। जब भी वह किसी से मिलता, तो अपनी इसी रईसी का रौब दिखाता था, ताकि सामने वाले को उसकी वित्तीय स्थिति पर कोई शक न हो। इसी रुतबे के जाल में फंसकर लोग उसे करोड़ों रुपये सौंप देते थे।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के पास से कई डिजिटल सबूत, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और शेल कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मध्य प्रदेश में उसे पनाह देने वाले कौन लोग थे और इस 14 करोड़ की ठगी के शिकार कुल कितने लोग हुए हैं।


