नई दिल्ली:
अगर आप अपने मोबाइल फोन में नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड ऐप्स या किसी भी सरकारी योजना से जुड़ी ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। साइबर ठगों ने देश के डिजिटल बैंकिंग इकोसिस्टम पर अब तक का सबसे बड़ा और अनोखा हमला बोला है, जिसे साइबर एक्सपर्ट्स ‘Android God Mode’ का नाम दे रहे हैं। इस अदृश्य और खतरनाक लूटपाट को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार की साइबर विंग (I4C) ने कड़ा रुख अपनाते हुए दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी Google को एक बेहद सख्त नोटिस जारी किया है। सरकार ने गूगल को अपने ‘फायरबेस’ (Firebase) प्लेटफार्म पर मौजूद अपराधियों के गुप्त ठिकानों (संडिग्ध अकाउंट्स) को सिर्फ 3 घंटे के भीतर हमेशा के लिए नष्ट करने का फरमान सुनाया है।
क्या है ‘Android God Mode’? कैसे काम करता है यह मायाजाल?
इस डिजिटल डकैती की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हैकर्स किसी आम वायरस का नहीं, बल्कि खुद गूगल की एक बेहद भरोसेमंद सर्विस ‘फायरबेस’ का इस्तेमाल कर रहे हैं। चूंकि फायरबेस का इस्तेमाल दुनिया भर के बड़े डेवलपर्स करते हैं, इसलिए आपके मोबाइल का एंटी-वायरस या इन-बिल्ट सिक्योरिटी फिल्टर इसे कोई खतरा नहीं मानता और चुपचाप रास्ता दे देता है। यह फ्रॉड मुख्य रूप से 4 चरणों में होता है:
1. नकली ऐप्स का जाल: हैकर्स भारत सरकार की ‘PM-KISAN’ जैसी लोकप्रिय कल्याणकारी योजनाओं और देश के सबसे बड़े बैंकों (SBI, ICICI, और Axis) के हूबहू दिखने वाले नकली रूप (Clone Apps) तैयार करते हैं।
2. लालच का शिकार: आम यूज़र्स को व्हाट्सएप या एसएमएस पर एक आकर्षक मैसेज भेजा जाता है—जैसे “तुरंत पाएं ₹5000 का कैशबैक”, “क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स कैश करें” या “पीएम किसान योजना की अगली किस्त के लिए यहां क्लिक करें”।
3. गॉड मोड का एक्टिवेशन: जैसे ही कोई मासूम यूज़र उस लिंक से .APK फाइल डाउनलोड करता है, यह अदृश्य मैलवेयर फोन में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होते ही हैकर को आपके पूरे स्मार्टफोन का रिमोट एक्सेस यानी ‘भगवान जैसा नियंत्रण’ (God Mode) मिल जाता है।
4. बिना भनक लगे खाता साफ: इसके बाद आपके मोबाइल की स्क्रीन पर क्या चल रहा है, आपको कौन सा बैंकिंग ओटीपी (OTP) आया है, या आपका पासवर्ड क्या है—यह सब सीधे हैकर के फायरबेस सर्वर पर रियल-टाइम में ट्रांसफर होने लगता है। यूज़र का फोन जेब में रखा रहता है और दूसरी तरफ से उसका बैंक खाता पूरी तरह खाली कर दिया जाता exports।
सरकार का कड़ा एक्शन और ₹20,000 करोड़ का नुकसान
गृह मंत्रालय के तहत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने गूगल को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि यदि 3 घंटे के भीतर इन फ्रॉड अकाउंट्स पर ताला नहीं लटकाया गया, तो इन तमाम चोरियों के लिए गूगल को ही कानूनी रूप से मुजरिम माना जाएगा। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, केवल पिछले एक साल में ही भारतीय नागरिकों ने ऐसे शातिर डिजिटल घोटालों के चलते लगभग ₹20,000 करोड़ ($2.4 बिलियन) की अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई गंवाई है। यही कारण है कि अब सरकार ने इन अपराधियों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा हमला बोला है।
डिजिटल सेफ्टी मंत्र: इन 4 बातों का रखें खास ख्याल
अगर आप अपने बैंक अकाउंट को पूरी तरह सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आज ही से इन नियमों को गांठ बांध लें:
- व्हाट्सएप-एसएमएस लिंक्स को कहें ‘ना’: कभी भी किसी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक करके कोई ऐप डाउनलोड न करें।
- प्ले स्टोर ही है एकमात्र सहारा: किसी भी बैंकिंग या सरकारी काम के लिए केवल Google Play Store या Apple App Store का ही इस्तेमाल करें।
- डेवलपर का नाम जांचें: ऐप डाउनलोड करने से पहले स्क्रीन पर नीचे लिखे डेवलपर का नाम गौर से देखें। वहां आपके बैंक या ‘Government of India’ का आधिकारिक नाम होना अनिवार्य है।
- एसएमएस परमिशन पर नजर: कोई भी नई ऐप इंस्टॉल करते समय अगर वह आपसे बिना वजह मैसेज (SMS) पढ़ने या कॉन्टैक्ट्स देखने की इजाजत मांगे, तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) – Android God Mode स्कैम
सवाल 1: ‘Android God Mode’ मैलवेयर क्या है?
जवाब: यह एक बेहद खतरनाक मोबाइल मैलवेयर है। जब यह किसी एंड्रॉइड फोन में इंस्टॉल होता है, तो हैकर्स को उस स्मार्टफोन का पूरा रिमोट कंट्रोल (रिमोट एक्सेस) मिल जाता है। इसके बाद हैकर्स यूजर की स्क्रीन देख सकते हैं, उनके मैसेजेस पढ़ सकते हैं और बैंकिंग ओटीपी (OTP) चुराकर अकाउंट खाली कर सकते हैं।
सवाल 2: हैकर्स गूगल फायरबेस (Google Firebase) का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं?
जवाब: गूगल फायरबेस एक वैध और भरोसेमंद क्लाउड प्लेटफॉर्म है। हैकर्स इसका फायदा इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि मोबाइल के एंटी-वायरस या सिक्योरिटी फिल्टर्स गूगल की अपनी सर्विस होने के कारण इसे ब्लॉक नहीं करते। इससे हैकर्स का काम आसान हो जाता है और वे चोरी का डेटा सीधे अपने सर्वर पर मंगा लेते हैं।
सवाल 3: अगर गलती से कोई फर्जी ऐप डाउनलोड हो जाए, तो तुरंत क्या करें?
जवाब: अगर आपने कोई संदिग्ध .APK फाइल या फर्जी ऐप इंस्टॉल कर ली है, तो तुरंत अपने फोन का इंटरनेट (मोबाइल डेटा और वाई-फाई) बंद कर दें। इसके बाद ऐप सेटिंग्स में जाकर उस ऐप को अनइंस्टॉल करें। सुरक्षा के लिए अपने फोन को पूरी तरह से ‘फैक्ट्री रीसेट’ (Factory Reset) करें और तुरंत अपने बैंक को सूचित कर नेट बैंकिंग पासवर्ड बदल लें।


