नई दिल्ली: देश में एलपीजी (LPG) गैस की सप्लाई को अधिक सुरक्षित, तेज और किफायती बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा मास्टरप्लान तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत देश के 6 प्रमुख राज्यों में करीब 1,800 किलोमीटर लंबी नई एलपीजी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। सरकार के इस कदम से न केवल गैस की किल्लत दूर होगी, बल्कि पर्यावरण को भी भारी फायदा पहुंचेगा।
इन 6 राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार के इस मास्टरप्लान के दायरे में आने वाले राज्यों में शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- पश्चिम बंगाल
- झारखंड
- ओडिशा
- मध्य प्रदेश
क्यों खास है सरकार का यह मास्टरप्लान?
- सप्लाई होगी बेहद आसान: पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत होने से दूर-दराज के इलाकों में भी एलपीजी की बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे सप्लाई सुनिश्चित होगी।
- सड़क यातायात पर घटेगा बोझ: वर्तमान में एलपीजी सिलेंडरों और गैस को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए हजारों बुलेट ट्रकों और कप्तानों का इस्तेमाल होता है। पाइपलाइन बिछने से सड़कों पर ट्रकों की निर्भरता कम होगी।
- सस्ता और सुरक्षित परिवहन: पाइपलाइन के जरिए गैस का परिवहन सड़कों के मुकाबले काफी सुरक्षित और लागत में बेहद कम होता है। इससे कंपनियों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी।
- प्रदूषण में आएगी कमी: सड़कों पर एलपीजी टैंकरों की संख्या कम होने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जो पर्यावरण के अनुकूल है।
उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?इस परियोजना के पूरा होने से आने वाले समय में एलपीजी रिफिलिंग और डिलीवरी का समय काफी घट जाएगा। त्योहारों या भारी मांग के दिनों में होने वाली गैस की किल्लत से उपभोक्ताओं को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।सरकार का यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि संबंधित राज्यों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।


