गुवाहाटी/गोलाघाट: असम पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था को लेकर आज (10 सितंबर 2026) एक बेहद कड़ा संदेश दिया है। गोलाघाट जिले के सरुपथार इलाके में तैनात को-डिस्ट्रिक्ट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (CDSP) दीपेन पातर को ओएनजीसी (ONGC) की पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले काफी समय से असम के सरुपथार और आसपास के इलाकों में ONGC की मुख्य पाइपलाइन से कच्चा तेल (Crude Oil) चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही थीं। जांच के दौरान तकनीकी और डिजिटल सबूतों (Digital Evidence) से यह साफ हुआ कि इस पूरे अवैध रैकेट के पीछे किसी बड़े अधिकारी का हाथ है।
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मिले पुख्ता तकनीकी सबूत
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जब दीपेन पातर के कॉल रिकॉर्ड्स, लोकेशन और संदिग्धों के साथ वित्तीय लेन-देन की जांच की गई, तो तेल चोरों के साथ उनकी सीधी संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले। आरोप है कि वह इस अवैध धंधे को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपराधियों को पुलिस कार्रवाई से बचा रहे थे और इसके बदले मोटी रकम वसूल रहे थे।
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विभाग में हड़कंप
सबूत सामने आने के बाद विभाग ने बिना देरी किए आज गुरुवार को सीनियर अफसर दीपेन पातर को कानून की गिरफ्त में ले लिया। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद असम पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह में विभाग के कुछ और लोग या अन्य रसूखदार लोग तो शामिल नहीं हैं।


