लंदन/नई दिल्ली। भारतीय बैंकों के करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाए बिना देश छोड़ चुके भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर अपनी बेबसी का रोना रोया है। करीब 10 साल से लंदन में रह रहे माल्या ने भारत लौटने की असमर्थता जताते हुए कहा है कि ब्रिटेन की सरकार ने उनके देश छोड़ने पर रोक लगा रखी है, ऐसे में वे भारत कैसे लौट सकते हैं? बातचीत के दौरान उन्होंने यहां तक कह दिया, “कभी-कभी सोचता हूं कि कॉकरोच बन जाऊं, जो किसी भी कोने में छिप सकता है और जिस पर कोई पाबंदी नहीं होती।”
10 साल से लंदन में काट रहे हैं समय
किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक विजय माल्या साल 2016 में भारत से लंदन चले गए थे। तब से भारतीय जांच एजेंसियां (CBI और ED) उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिशों में जुटी हैं। माल्या पर आरोप है कि उन्होंने अपनी डूबती हुई एयरलाइंस के नाम पर देश के कई सरकारी बैंकों से भारी-भरकम लोन लिया और उसे जानबूझकर नहीं चुकाया।
कानूनी अड़चनों का दिया हवाला
माल्या का कहना है कि वे बैंकों का पैसा सेटल करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कानूनी प्रक्रियाएं और उनके पासपोर्ट व यात्रा दस्तावेजों पर लगी रोक उनके रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा हैं। ब्रिटेन में उनके प्रत्यर्पण के मामले पर सभी कानूनी रास्ते बंद होने के बाद भी एक ‘सीक्रेट’ कानूनी प्रक्रिया चल रही है, जिसकी वजह से ब्रिटिश सरकार उन्हें भारत को नहीं सौंप रही है।
“कॉकरोच बनने की इच्छा”
अपने ऊपर चौतरफा बढ़ते दबाव और लंदन में कड़े प्रतिबंधों के बीच माल्या का यह बयान उनकी मानसिक हताशा को दर्शाता है। खुद को ‘कॉकरोच’ के रूप में देखने की बात कहकर उन्होंने यह जताने की कोशिश की है कि इस समय वे एक ऐसी जिंदगी जी रहे हैं जहां उन पर हर वक्त नजर रखी जा रही है और वे आजाद नहीं हैं।
भारतीय एजेंसियां अब भी माल्या को भारत लाकर उन पर मुकदमा चलाने और बैंकों के बकाया पैसे की शत-प्रतिशत वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।


