बालाघाट (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से पुलिसिया बर्बरता और अमानवीयता का एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक थाने में चोरी के शक में बुलाए गए पति-पत्नी के कपड़े उतरवाकर पुलिसकर्मियों द्वारा बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिला तीन महीने की गर्भवती है। पुलिस की इस बर्बर मारपिटाई के बाद महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि परिजनों को उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर न्याय की गुहार लगाने सीधे एसपी (SP) ऑफिस पहुंचना पड़ा।
मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक सब-इंस्पेक्टर (SI) समेत 4 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित परिवार के मुताबिक, पुलिस ने युवक को चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। इसके बाद उसकी गर्भवती पत्नी भी थाने पहुंची। परिजनों का आरोप है कि थाने के अंदर पुलिसकर्मियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दोनों के कपड़े उतरवाए गए और उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
महिला के गर्भवती होने की बात कहने के बावजूद पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा। लाठियों और पट्टों की मार से महिला थाना परिसर में ही अधमरी हो गई।
स्ट्रेचर पर लेकर SP दफ्तर पहुंचे घरवाले
जब इस घटना की जानकारी महिला के परिजनों को मिली, तो वे तुरंत थाने पहुंचे। महिला की हालत बेहद गंभीर थी और वह चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं थी। गुस्साए और लाचार परिजन महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे स्ट्रेचर पर लिटाकर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंच गए।
कलेक्टर और एसपी ऑफिस के बाहर स्ट्रेचर पर तड़पती गर्भवती महिला को देखकर वहां मौजूद लोग भी दंग रह गए। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
SIT गठित, 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले के तूल पकड़ते ही आलाधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया। शुरुआती जांच में लापरवाही और दोषी पाए जाने पर संबंधित सब-इंस्पेक्टर (SI) और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया है।
एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया है, जो पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी मुलाजिम को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय व कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


