Wednesday, October 7, 2026

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बिहार बोर्ड का बड़ा फैसला: अब मार्कशीट पर नहीं दिखेगा ‘Fail’ शब्द, छात्रों के तनाव को कम करने के लिए सरकार का ऐतिहासिक कदम

बिहार बोर्ड का बड़ा फैसला: अब मार्कशीट पर नहीं दिखेगा ‘Fail’ शब्द, छात्रों के तनाव को कम करने के लिए सरकार का ऐतिहासिक कदम

पटना:
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के स्कूली शिक्षा तंत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। छात्रों को मानसिक तनाव, अवसाद और सामाजिक शर्मिंदगी से बचाने के लिए अब बिहार बोर्ड की 10वीं (मैट्रिक) और 12वीं (इंटर) की मार्कशीट पर ‘Fail’ (फेल) शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को हतोत्साहित होने से रोकना और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के सकारात्मक अवसर देना है।

‘फेल’ की जगह लिखा जाएगा यह नया शब्द
नए नियमों के अनुसार, जो छात्र किसी विषय या परीक्षा में न्यूनतम अंक प्राप्त करने में असमर्थ रहेंगे, उनकी मार्कशीट पर ‘फेल’ की जगह ‘कौशल के लिए पात्र’ (Eligible for Skill Training) लिखा जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि शब्दों का छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है, और यह नया शब्द उन्हें नाकाम महसूस कराने के बजाय भविष्य के लिए एक नया रास्ता दिखाएगा।

कौशल विकास और वोकेशनल कोर्स से जोड़ा जाएगा
इस नीति के तहत, परीक्षा में सफल न हो पाने वाले छात्रों को सीधे रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। ये छात्र बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन (BBOSE) के माध्यम से अपनी रुचि के अनुसार वोकेशनल या स्किल डेवलपमेंट कोर्स चुन सकेंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

मिलेगी स्पेशल क्लास और परीक्षा का मौका
छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसके लिए सरकार पूरक (Supplementary) परीक्षा की व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। परीक्षा से पहले ऐसे छात्रों के लिए एक महीने के विशेष सत्र (Special Sessions/Classes) आयोजित किए जाएंगे, ताकि वे अपनी कमियों को सुधार कर दोबारा परीक्षा दे सकें।

शिक्षा विभाग जल्द ही इस संबंध में नियमों में संशोधन कर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) को आधिकारिक दिशानिर्देश जारी करेगा। सरकार के इस संवेदनशील फैसले की अभिभावकों और शिक्षाविदों द्वारा सराहना की जा रही है।

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