Sunday, October 4, 2026

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बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की बल्ले-बल्ले: हर 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10,000, जानिए IPRD के नए नियम और कमाई का गणित

बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए बड़ी खुशखबरी: अब हर 1 लाख व्यूज पर मिलेंगे ₹10,000, सरकार ने नियमों में किया संशोधन
पटना:
बिहार में अब सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए कमाई का एक बड़ा और शानदार मौका सामने आया है। बिहार सरकार ने ‘बिहार सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली’ में संशोधन करते हुए डिजिटल मीडिया से जुड़े युवाओं को बड़ी राहत दी है। इस नए फैसले के तहत अब राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों का प्रचार करने वाले क्रिएटर्स को उनके वीडियो पर मिलने वाले व्यूज के हिसाब से सीधे पैसे दिए जाएंगे।


व्यूज के आधार पर भुगतान और कमाई का नया गणित
सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) ने इस नीति में व्यूज के हिसाब से भुगतान का स्पष्ट ढांचा तैयार किया है। नई नियमावली के अनुसार क्रिएटर्स को उनके वीडियो पर हर 1 लाख व्यूज आने पर ₹10,000 का भुगतान किया जाएगा।
बजट का संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार ने इसकी एक ऊपरी सीमा भी तय की है। किसी भी एक सिंगल वीडियो पर अधिकतम ₹1 लाख तक की राशि ही दी जाएगी, जिसका अर्थ है कि 10 लाख से अधिक व्यूज आने पर भी अधिकतम भुगतान ₹1 लाख ही होगा।


30 दिनों की परफॉरमेंस ट्रैकिंग से तय होगा पेमेंट
वीडियो पोस्ट करने के तुरंत बाद भुगतान नहीं होगा, बल्कि इसके लिए एक निश्चित समयावधि तय की गई है। व्यूज का आधिकारिक हिसाब वीडियो के ऑनलाइन अपलोड होने की तारीख से अगले 30 दिनों तक के परफॉरमेंस के आधार पर किया जाएगा।
विभाग 30 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद डेटा का सही वेरिफिकेशन करेगा और उसके बाद ही स्वीकृत राशि क्रिएटर्स के खातों में जारी की जाएगी।


केवल एम्पैनल्ड और रजिस्टर्ड क्रिएटर्स को मिलेगा लाभ
इस योजना का फायदा उठाने के लिए केवल कंटेंट बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि क्रिएटर्स का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। सरकार केवल उन्हीं यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और पेज एडमिन्स को भुगतान करेगी जो सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) में सूचीबद्ध यानी Empaneled होंगे।
विभाग जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर क्रिएटर्स के एम्पैनलमेंट और रजिस्ट्रेशन के लिए प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।


फॉलोअर्स और कंटेंट की होगी सख्त जांच
फर्जी व्यूज और फेक फॉलोअर्स से बचने के लिए सरकार ने जांच के कड़े इंतजाम किए हैं। IPRD समय-समय पर आवेदन करने वाले क्रिएटर्स के चैनलों, पेजों और सोशल मीडिया हैंडल्स के असली फॉलोअर्स और एंगेजमेंट रेट का टेक्निकल वेरिफिकेशन करेगा।
इसके अलावा, वीडियो का विषय और कंटेंट सरकार द्वारा तय की गई गाइडलाइंस के अनुकूल होना चाहिए। केवल उन्हीं वीडियोज को भुगतान के योग्य माना जाएगा जो सरकारी मानकों पर सही उतरेंगे।


डिजिटल बिहार और युवाओं को रोजगार का नया जरिया
राज्य सरकार के इस कदम को ‘डिजिटल बिहार’ की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। इसका पहला मकसद सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
दूसरी ओर, इस फैसले से बिहार के हजारों छोटे-बड़े कंटेंट क्रिएटर्स को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और अपनी प्रतिभा के जरिए अच्छी कमाई करने का एक पारदर्शी माध्यम मिलेगा।

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