नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आज एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आज शाम 5 बजे दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली निकालने का ऐलान किया है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं और इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपनी गिरफ्तारी की गंभीर आशंका जताई है।
अभिजीत दीपके का दावा- सादे कपड़ों में पुलिस कर रही पीछा
तिरंगा रैली से ठीक पहले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कुछ तस्वीरें पोस्ट करते हुए बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी लगातार उनका पीछा कर रहे हैं और उनके ठिकाने के आसपास निगरानी रखी जा रही है।
गुरुवार रात 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा, “मैं सरकार को बताना चाहता हूं कि हम इन कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं। मैं यहीं बैठा हूं, अगर इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़ेगा तो हम उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।” उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि वे भारी संख्या में हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर सेंट्रल पार्क पहुंचें। जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालें।
इलाके में धारा 163 लागू, सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद
रैली के ऐलान के बाद नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। एनडीएमसी ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही कनॉट प्लेस और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पहले की धारा 144) लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है।
सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली के बॉर्डर्स, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है ताकि प्रदर्शनकारियों के बड़े हुजूम को नियंत्रित किया जा सके।
क्यों प्रदर्शन कर रही है कॉकरोच जनता पार्टी?
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में यह आंदोलन चला रही है। इसके अलावा, हाल ही में पार्टी के दो प्रमुख प्रवक्ताओं—सौरव दास और आशुतोष रांका—को जंतर-मंतर पर कथित अवैध प्रवेश और शांति बांड के उल्लंघन के आरोप में 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया है। सीजेपी इस कार्रवाई का कड़ा विरोध कर रही है और अपने नेताओं की रिहाई की मांग पर अड़ी है।
व्यापारियों ने जताया विरोध, कोर्ट ने रैली पर रोक से किया इनकार
इस बीच, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने इस विरोध प्रदर्शन पर चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के इस सीजन में पिछले तीन हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों के कारण कनॉट प्लेस का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कें बंद होने और ट्रैफिक जाम के कारण ग्राहकों और पर्यटकों को आने में दिक्कत हो रही है, जिससे रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े दुकानदारों तक की आजीविका पर असर पड़ा है। व्यापारियों ने प्रदर्शनकारियों से कनॉट प्लेस के बजाय किसी अन्य वैकल्पिक स्थान पर विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
दूसरी ओर, दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस तिरंगा रैली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने एक स्ट्रीट वेंडर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि वे कानून-व्यवस्था और प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। मामले की अगली सुनवाई अब 3 नवंबर को तय की गई है।


