राहुल सेन
आजादी के बाद पहली बार… MP के धार जिले में पहुंचेगी यात्री ट्रेन, PM मोदी MEMU को दिखाएंगे हरी झंडी
धार (NTV TIME): मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले के निवासियों का दशकों पुराना इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। आजादी के लगभग 80 साल बाद पहली बार धार जिला देश के रेल नेटवर्क से सीधे जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान इस नई मेमू (MEMU) ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) मुकेश कुमार ने पुष्टि की है कि यह ऐतिहासिक अवसर होगा जब कोई नियमित पैसेंजर ट्रेन धार जिले की सीमाओं के भीतर दाखिल होगी।
चार जिलों और दो राज्यों को जोड़ेगी 12 डिब्बों की MEMU
यह नई ट्रेन मुख्य रूप से छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत संचालित की जा रही है। 12 कोच वाली यह आधुनिक मेमू ट्रेन रोजाना गुजरात के प्रताप नगर (वडोदरा) और मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित टांडा रोड स्टेशन के बीच पटरियों पर दौड़ेगी।
इस नई रेल लाइन के शुरू होने से दो राज्यों के कुल चार महत्वपूर्ण जिले आपस में जुड़ जाएंगे:
- गुजरात के जिले: वडोदरा और छोटा उदयपुर
- मध्य प्रदेश के जिले: अलीराजपुर और धार
ट्रेन का समय और शेड्यूल (Time Table)
रेलवे द्वारा जारी किए गए आधिकारिक टाइम टेबल के अनुसार यह ट्रेन प्रतिदिन इस प्रकार संचालित होगी:
- सुबह की यात्रा (प्रताप नगर से टांडा रोड): यह मेमू ट्रेन सुबह 5:30 बजे प्रताप नगर (वडोदरा) से रवाना होगी और जोबट होते हुए सुबह 9:30 बजे धार के टांडा रोड स्टेशन पहुंचेगी।
- शाम की वापसी (टांडा रोड से प्रताप नगर): टांडा रोड स्टेशन पर दिनभर रुकने के बाद, यह शाम 5:00 बजे वापस वडोदरा के लिए रवाना होगी और रात 9:00 बजे प्रताप नगर पहुंचेगी।
लागत और ट्रैक की स्थिति
- परियोजना की कुल लागत: छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹3,900 करोड़ है।
- खुलने वाला खंड: वर्तमान में टांडा रोड से डेकाकुंड (अलीराजपुर) तक का 16 किलोमीटर लंबा रेल खंड पूरी तरह तैयार है, जिस पर ₹435 करोड़ खर्च हुए हैं। इस ट्रैक की सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है।
- शेष कार्य: टांडा रोड से तिरला (धार) तक के अगले 46 किलोमीटर के हिस्से पर निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है।
क्षेत्र को मिलने वाले बड़े फायदे
आदिवासी अंचल और कुक्षी के आसपास के इलाकों में रेल सेवा की शुरुआत से दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़ा सामाजिक और आर्थिक बदलाव देखने को मिलेगा:
- रोजगार और व्यापार: स्थानीय किसानों और व्यापारियों के उत्पादों को बड़े शहरों के बाजारों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर इलाज के लिए वडोदरा तथा इंदौर जैसे बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: रेल मार्ग जुड़ने से इन आदिवासी क्षेत्रों की संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
धार के टांडा रोड स्टेशन पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद सावित्री ठाकुर स्थानीय जनता के साथ मौजूद रहकर ट्रेन का स्वागत करेंगी। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।


