पूर्वी अफ्रीकी देश जिबूती के समुद्री तट के पास एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। प्रवासियों को लेकर जा रही एक बड़ी नाव गहरे समुद्र में असंतुलित होकर पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में 15 मासूम बच्चों और 42 महिलाओं समेत कम से कम 109 लोगों की मौत हो गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
305 यात्रियों से खचाखच भरी थी नाव, 116 लोग अब भी लापता
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, जब यह नाव जिबूती के ओबॉक शहर के उत्तरी तट से रवाना हुई, तब इसमें कुल 305 लोग सवार थे। समुद्र की तेज लहरों के बीच नाव का पिछला हिस्सा अचानक पानी में डूबने लगा और देखते ही देखते पूरी नाव पलट गई। हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने तुरंत मोर्चा संभाला और समुद्र से 80 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जो सभी इथियोपिया के रहने वाले हैं। हालांकि, 116 यात्री अभी भी गहरे पानी में लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए तटरक्षक बल का खोजी अभियान लगातार जारी है।
रोजगार की तलाश और खतरनाक समुद्री रास्ते का सफर
जिबूती का यह समुद्री रास्ता मानव तस्करी और अवैध प्रवासन के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक रास्तों में से एक माना जाता है। इथियोपिया और सोमालिया जैसे हॉर्न ऑफ अफ्रीका के देशों से हजारों लोग गरीबी, भुखमरी और घरेलू संकट से बचने के लिए खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब) जाने की कोशिश करते हैं। बेहतर जिंदगी और रोजगार की चाह में ये लोग मानव तस्करों के जाल में फंस जाते हैं और जिबूती के रास्ते यमन पहुंचने के लिए इन असुरक्षित नावों पर सवार होते हैं, जिससे अक्सर ऐसे भयानक हादसे हो जाते हैं।
बचाए गए लोगों की मदद और आगे की कार्रवाई
हादसे में जीवित बचे प्रवासियों ने बताया कि नाव पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। वर्तमान में जिबूती प्रशासन और संयुक्त राष्ट्र की टीमें बचाए गए 80 से अधिक इथियोपियाई नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा, भोजन और मानसिक संबल प्रदान कर रही हैं। इसके साथ ही, स्थानीय अधिकारियों ने मृत लोगों के शवों को सम्मानपूर्वक दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और लापता लोगों के परिवारों से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है।


