Friday, August 28, 2026

TOP NEWS

छत्तीसगढ़: बिलासपुर एयरपोर्ट पर...

मयंक तिवारीछत्तीसगढ़: बिलासपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग कर रहे विमान का टायर फटा,...

पीथमपुर स्टील फैक्ट्री विवाद:...

प्रफुल्ल तवरपीथमपुर स्टील फैक्ट्री विवाद: प्रदूषण फैलाने वाली यूनिट को 39 दिन में...

नेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी...

मयंक तिवारी नेपाल फ्लैश फ्लडनेपाल-चीन सीमा पर भोटेकोशी नदी में विनाशकारी फ्लैश फ्लड,...

NFHS-6 की रिपोर्ट: मध्य...

NFHS-6 की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश में थमी नहीं बाल विवाह की कुप्रथा, हर...
Homeदेशभारतीय सेना में शामिल होगी अमेरिकी 'जैवलिन' मिसाइल: दुश्मन के टैंक सेकेंड्स...

भारतीय सेना में शामिल होगी अमेरिकी ‘जैवलिन’ मिसाइल: दुश्मन के टैंक सेकेंड्स में होंगे तबाह, दागते ही खुद ढूंढेगी टारगेट

भारतीय सेना में शामिल होगी अमेरिकी ‘जैवलिन’ मिसाइल: दुश्मन के टैंक सेकेंड्स में होंगे तबाह, दागते ही खुद ढूंढेगी टारगेट

नई दिल्ली। भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को और अधिक घातक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। भारतीय रक्षा मंत्रालय जल्द ही अमेरिका से दुनिया की सबसे खतरनाक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) ‘जैवलिन’ (Javelin) खरीदने की तैयारी में है। इस मिसाइल के भारतीय बेड़े में शामिल होने से सीमा पर दुश्मन के टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और सैन्य बंकर चंद सेकेंड्स में मटियामेट हो जाएंगे।

‘दागो और भूल जाओ’ तकनीक से लैस

जैवलिन मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘फायर एंड फॉरगेट’ (Fire and Forget) तकनीक है। पारंपरिक मिसाइलों की तरह इसे दागने के बाद टारगेट तक गाइड नहीं करना पड़ता। मिसाइल में लगा अत्याधुनिक इंफ्रारेड/थर्मल सीकर (Thermal Seeker) दुश्मन के टैंक की गर्मी को भांप लेता है। एक बार लॉक होने के बाद, मिसाइल हवा में रहते हुए भी हिलते-डुलते टारगेट को खुद ढूंढकर उस पर सटीक निशाना लगाती है। इससे मिसाइल दागने के तुरंत बाद सैनिक सुरक्षित स्थान पर छिप सकते हैं।

‘टॉप-अटैक’: आसमान से काल बनकर गिरेगी

दुनिया के सबसे आधुनिक टैंकों का सबसे मजबूत हिस्सा उनका सामने का कवच (Front Armour) होता है, लेकिन उनका सबसे ऊपरी हिस्सा (Top Armour) बेहद कमजोर होता है। जैवलिन इसी कमजोरी का फायदा उठाती है। लॉन्च होने के बाद यह मिसाइल सीधे जाने के बजाय पहले आसमान में ऊपर उठती है और फिर सीधे टैंक के ऊपर (Top-Attack Mode) क्रैश होती है। इस हमले से बचना किसी भी टैंक के लिए नामुमकिन माना जाता है।

चीन और पाकिस्तान सीमा पर बनेगी गेम-चेंजर

इस रक्षा सौदे के बाद भारतीय इन्फैंट्री (पैदल सेना) की ताकत में कई गुना इजाफा होने की उम्मीद है।

यह मिसाइल पूरी तरह से पोर्टेबल है, यानी इसे एक या दो सैनिक अपने कंधे पर रखकर आसानी से कहीं भी ले जा सकते हैं और झाड़ियों या बंकरों से दाग सकते हैं। लद्दाख, सिक्किम और तवांग जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में, जहां भारी तोपें और टैंक ले जाना मुश्किल होता है, वहां यह मिसाइल भारतीय जवानों के लिए सुरक्षा कवच बनेगी। यह चीनी सेना के हल्के टैंकों (Light Tanks) और दुर्गम पहाड़ियों में बने दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने की क्षमता रखती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments