इंदौर में भिक्षावृत्ति पूरी तरह प्रतिबंधित: भीख देने या सामान खरीदने पर होगी कानूनी कार्रवाई, सूचना देने वाले को मिलेगा ₹1000 इनाम
इन्दौर न्यूज़ डेस्क: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। इंदौर जिले की राजस्व सीमा के भीतर अब किसी भी प्रकार की भीख मांगने या देने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम (BNSS) की धारा 163 के तहत इस संबंध में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रशासन का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
भीख देने और सामान खरीदने पर भी लगा बैन
इस नए आदेश की सबसे खास बात यह है कि इसमें न सिर्फ भीख मांगने वालों पर, बल्कि भीख देने वालों पर भी शिकंजा कसा गया है:
- भिक्षा देने पर रोक: सड़कों, चौराहों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कुछ भी देना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- सामान खरीदने पर पाबंदी: चौराहों पर भीख मांगने वाले या उनके साथ रहने वाले लोगों से किसी भी प्रकार का सामान खरीदना भी प्रतिबंधित किया गया है।
- होगी कानूनी कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन कर भिक्षुओं को पैसे/सामान देता है या उनसे कुछ खरीदता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूचना देने वाले को मिलेगा ₹1000 का इनाम
इंदौर जिले को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने में आम जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रशासन ने एक अनोखी प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है:
- यदि आपको इंदौर में कहीं भी कोई व्यक्ति भिक्षावृत्ति करता हुआ पाया जाता है, तो आप इसकी जानकारी सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री दिनेश मिश्रा को उनके मोबाइल नंबर 9691494951 पर दे सकते हैं।
- प्रशासन द्वारा जांच और सत्यापन करने पर यदि आपकी दी गई सूचना सही पाई जाती है, तो सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि (इनाम) प्रदान की जाएगी।
पुनर्वास और प्रभावी अभियान जारी
इंदौर में सामाजिक बुराई को खत्म करने और शहर को स्वच्छ व सुरक्षित बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के संयुक्त दल (टीमें) गठित किए गए हैं। ये टीमें शहर के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। भीख मांगने वाले लोगों को रेस्क्यू कर उनके उचित पुनर्वास और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।


