इंदौर: अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवती पर धर्म परिवर्तन का दबाव, आरोपी वारिश के खिलाफ एफआईआर दर्ज
क्राइम रिपोर्टर, इंदौर
इंदौर के लसूड़िया इलाके में पहचान छिपाकर युवती से दोस्ती करने और बाद में अश्लील वीडियो के बूते ब्लैकमेल करने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। आरोपी ने खुद को ‘वीरू’ बताकर युवती का भरोसा जीता, दुष्कर्म किया और फिर उसके आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। जब पीड़िता को उसका असली नाम वारिश शेख पता चला, तो आरोपी ने उन वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर उस पर जबरन धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
धोखे से की दोस्ती, होटल में बनाए आपत्तिजनक वीडियो
मामले के अनुसार, आरोपी ने साल 2019 में एक परिचित के जरिए युवती से संपर्क बढ़ाया था। उस दौरान उसने अपनी पहचान छिपाकर अपना नाम ‘वीरू’ बताया था। लगभग छह महीने तक दोस्ती का नाटक करने के बाद, फरवरी 2020 में वह पीड़िता को बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे स्थित एक होटल में ले गया। वहाँ उसने युवती के साथ जबरन संबंध बनाए और चुपके से उसके संवेदनशील फोटो व वीडियो कैमरे में कैद कर लिए।
वीडियो वायरल करने की धमकी और धर्मांतरण का दबाव
जब युवती को आरोपी के असली नाम (वारिश शेख) की जानकारी हुई, तो उसने विरोध करते हुए बातचीत बंद कर दी। इसके बाद आरोपी ने असली पैंतरा बदला और युवती को उसके आपत्तिजनक वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी लगातार धमकी दे रहा था कि अगर उसने धर्म परिवर्तन कर उससे निकाह नहीं किया, तो वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर डालकर उसे कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेगा।
युवती लंबे समय तक इस खौफ और मानसिक प्रताड़ना को सहती रही। पिछले छह महीनों से आरोपी की धमकियां और बढ़ गईं। जब पीड़िता ने उसकी बात मानने से साफ मना कर दिया, तो आरोपी ने वे अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और परिजनों के साथ लसूड़िया थाने पहुंचकर आपबीती बताई।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी वारिश उर्फ वीरू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।


