Wednesday, September 2, 2026

TOP NEWS

स्वरा भास्कर के बयान...

इतिहास बनाम आधुनिक नजरिया: स्वरा भास्कर का विवादित बयान और 1303 ईस्वी के...

हाईवे की ‘जगमगाती लाइटें’...

हाईवे की 'जगमगाती लाइटें' बनीं आफत: सोयाबीन की फसलें हुई 'बांझ', किसानों पर...

संजीवनी बूटी मिशन” के...

संजीवनी बूटी मिशन” के लिए हम सरकार से आर्थिक सहायता नहीं सिर्फ अनुमति...

Indore Traffic Rules Update:...

इंदौर में यातायात नियमों में बड़ा बदलाव: बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा ईंधन, हेलमेट-सीटबेल्ट...
Homeदेश'रामायण में माता सीता का चरित्र भगवान राम से भी महान', महिलाओं...

‘रामायण में माता सीता का चरित्र भगवान राम से भी महान’, महिलाओं के त्याग पर दिग्गज नेता का बड़ा बयान

‘रामायण में माता सीता का चरित्र भगवान राम से भी महान’, महिलाओं के त्याग पर दिग्गज नेता का बड़ा बयान

नेशनल डेस्क:
सृष्टि में महिलाओं के त्याग, तपस्या और उनकी नेतृत्व क्षमता को रेखांकित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा बयान सामने आया है। एक राष्ट्रीय स्तर के भव्य महिला उद्यमिता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ राजनेता ने रामायण का ऐतिहासिक प्रसंग उठाया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि रामायण के पूरे कालखंड में माता सीता का चरित्र भगवान राम के चरित्र से भी कहीं अधिक महान और अनुकरणीय था।

यह बयान ‘उबुंटू कंसोर्टियम ऑफ वूमेन एंटरप्रेन्योर्स’ के पांचवें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान दिया गया, जहाँ समाज और व्यापार में महिलाओं की भागीदारी पर गंभीर चर्चा हो रही थी।

जीवनभर का संघर्ष और अटूट मानसिक शक्ति

मंच से संबोधित करते हुए दिग्गज नेता ने कहा कि माता सीता ने अपने पूरे जीवनकाल में जितने संकटों, परीक्षाओं और व्यक्तिगत त्याग का सामना किया, वह उनकी अदम्य इच्छाशक्ति और आंतरिक शक्ति का प्रमाण है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की सहनशीलता और निर्णय लेने की क्षमता को श्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने कहा कि रामायण महाकाव्य में माता सीता का त्याग और चरित्र चित्रण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के चरित्र से भी ऊंचा स्थान रखता है।

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर

इस दौरान व्यापार और स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं के आगे आने की पुरजोर वकालत की गई। सम्मेलन में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि महिलाएं स्वभाव से ही प्रबंधक (Managers) और निर्माता होती हैं। इसके साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं (जैसे मुफ्त बस यात्रा और स्वरोजगार लोन) की सफलता का भी जिक्र किया गया, जिसने महिलाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है।

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

धार्मिक ग्रंथों और आदर्श पात्रों से जुड़े इस बड़े बयान के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नई बहस छिड़ गई है। जहाँ एक तरफ लोग इसे महिला सम्मान और नारी शक्ति के वास्तविक मूल्यांकन के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में इस तुलनात्मक बयान को लेकर बयानों का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments