टेक जगत में हड़कंप: PayPal ने भारत में की बड़ी छंटनी, बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
नई दिल्ली / बेंगलुरु:
वैश्विक डिजिटल पेमेंट्स दिग्गज पेपाल (PayPal) से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कंपनी ने भारत में अपने तकनीकी और इंजीनियरिंग विभागों से जुड़े कई कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाल दिया है [14021296.html]. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह छंटनी इतनी अचानक हुई कि प्रभावित कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना (Prior Notice) के सीधे कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
अचानक मीटिंग बुलाई और काट दिए एक्सेस
रिपोर्ट्स के अनुसार, छंटनी की यह प्रक्रिया 31 अगस्त को शुरू हुई थी। प्रभावित कर्मचारियों को अचानक एक मीटिंग कॉल पर जोड़ा गया, जहां उन्हें सूचित किया गया कि कंपनी में उनकी भूमिकाएं अब समाप्त की जा रही हैं। इस घोषणा के तुरंत बाद, कर्मचारियों के आधिकारिक लैपटॉप, ईमेल आईडी और अन्य कॉर्पोरेट एक्सेस को ब्लॉक कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा और चिंता का माहौल है।
कौन-से शहर और टीमें हुईं प्रभावित?
पेपाल के भारत में मुख्य रूप से तीन बड़े केंद्र हैं: चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद। कंपनी ने इन सभी सेंटर्स से कर्मचारियों की छंटनी की है। प्रभावित होने वाले विभागों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोर टेक्नोलॉजी (Engineering & Tech)
- पेमेंट्स आर्किटेक्चर टीम (Payments Team)
- फाइनेंस और सपोर्ट फंक्शंस (Finance & Support)
कितने कर्मचारियों पर गिरी गाज? (संख्या को लेकर विवाद)
शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि कंपनी ने भारत में अपने कुल कार्यबल (Workforce) का लगभग 10%, यानी करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
हालांकि, इस खबर के तूल पकड़ने के बाद पेपाल के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर इस संख्या का खंडन किया है। कंपनी का कहना है कि प्रभावित कर्मचारियों की वास्तविक संख्या लगभग 220 (करीब 4%) है, न कि 600।
क्यो की जा रही छटनी?
यह छंटनी पेपाल की वैश्विक लागत-कटौती (Cost-cutting) और रीस्ट्रक्चरिंग रणनीति का हिस्सा है। कंपनी अगले 2 से 3 सालों के भीतर अपने वैश्विक खर्चों को कम करने और संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए दुनिया भर में अपने कुल स्टाफ में से करीब 20% की कटौती करने की योजना पर काम कर रही है। भारत में उठाया गया यह कदम इसी बड़े ग्लोबल प्लान का एक हिस्सा है।


