Saturday, October 24, 2026

TOP NEWS

इंदौर में सड़क पर...

इंदौर में अब सड़क पर गाड़ी खड़ी करने के लिए देने होंगे पैसे। नगर निगम (IMC) ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए लागू कर रहा है नई ऑन-रोड पार्किंग पॉलिसी। पूरी खबर पढ़ें NTV TIME पर।

राहुल से कारोबारी बोले-...

दिल्ली में 1 नवंबर को राहुल गांधी की रैली से व्यापारियों को 10,000 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका। CTI ने पत्र लिखकर दिवाली सीजन में रामलीला मैदान की रैली को टालने की मांग की। पूरी खबर पढ़ें NTV TIME पर।

पीएम जनमन योजना के...

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं, सभी कमियां दूर होने के बाद...

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव...

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज धार जिले के सरदारपुर से किसानों के खातों...
HomeUncategorizedMP में डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन: रातभर सड़कों पर डटे...

MP में डॉक्टरों की हड़ताल का तीसरा दिन: रातभर सड़कों पर डटे रहे इंटर्न, आज पूरे प्रदेश में OPD ठप; हमीदिया में टले गंभीर ऑपरेशन

भोपाल: मध्य प्रदेश में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण आज स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई हैं। सोमवार को भोपाल में हुए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन की कार्रवाई के विरोध में प्रदेशभर के एमबीबीएस (MBBS) इंटर्न डॉक्टरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। डॉक्टरों ने मंगलवार की पूरी रात भोपाल के कमला पार्क और वीआईपी रोड पर गद्दे बिछाकर गुजारी और आज सुबह से पॉलिटेक्निक चौराहे पर चक्काजाम कर दिया है, जिससे राजधानी के मुख्य मार्गों पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।

इस आंदोलन को जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (JUDA) और मेडिकल टीचर्स का भी समर्थन मिल गया है, जिसके कारण प्रदेश के सभी बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

यह भी पढ़े

Delhi Crore Rupees Loot: राजधानी दिल्ली में बेखौफ बदमाश, पिस्तौल की नोक पर व्यापारी से लूटे ₹1 करोड़

मरीजों की आफत

  • ताले में ओपीडी (OPD): भोपाल के हमीदिया और इंदौर के एमवाय (MY) अस्पताल सहित ग्वालियर-जबलपुर के सरकारी अस्पतालों में आज सुबह से ओपीडी पूरी तरह ठप है। दूर-दराज के गांवों और जिलों से आए हजारों मरीज बिना इलाज के भटकने को मजबूर हैं।
  • ऑपरेशन थियेटर ठप: अस्पतालों में नियमित और प्लान्ड ऑपरेशनों को टाल दिया गया है। हमीदिया अस्पताल में दोपहर तक महज दो बेहद जरूरी ऑपरेशन ही हो सके। स्थिति यह है कि किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी डिस्चार्ज कर वापस भेजा जा रहा है।
  • इमरजेंसी पर निर्भरता: हालांकि, डॉक्टरों ने मानवीय आधार पर आईसीयू (ICU), कैजुअल्टी और आपातकालीन सेवाओं को चालू रखा है, जहां सीनियर डॉक्टर मोर्चा संभाले हुए हैं।

सिर्फ लिखित आदेश पर मानेंगे डॉक्टर

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों का साफ कहना है कि मध्य प्रदेश में उन्हें पूरे देश में सबसे कम ₹14,337 मासिक स्टाइपेंड मिलता है। उनकी दो टूक मांगें हैं:

  1. स्टाइपेंड ₹30,000 किया जाए: भत्ते को सीधे दोगुना से अधिक करने की मांग है।
  2. लिखित नोटिफिकेशन की शर्त: डॉक्टरों का आरोप है कि डेढ़ महीने पहले सरकार ने कैबिनेट में इसका मौखिक भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ। छात्र अब केवल ‘लिखित आदेश’ हाथ में आने के बाद ही काम पर लौटने पर अड़े हैं।
  3. दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई: शांतिपूर्ण मार्च पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की मांग की जा रही है।

अस्पतालों के बिगड़ते हालात और सड़कों पर लगे जाम को देखते हुए शासन स्तर पर आपातकालीन बैठकों का दौर शुरू हो गया है। लाठीचार्ज की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं, गतिरोध को खत्म करने के लिए उप-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल आज दोपहर आंदोलनकारी डॉक्टरों के कोर-कमेटी प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में एक निर्णायक बैठक कर रहे हैं, ताकि लिखित मसौदे पर सहमति बनाकर हड़ताल खत्म कराई जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments