Thursday, October 1, 2026

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Homeउत्तर प्रदेशरसया खांनपुर में डेंगू का कहर, प्रधान-सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल

रसया खांनपुर में डेंगू का कहर, प्रधान-सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल

रसया खांनपुर में डेंगू का कहर, प्रधान-सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल

हर साल बीमारी की चपेट में ग्रामीण, कई मौतों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था; लगातार मरीज मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश

बीसलपुर। रसया खांनपुर में डेंगू, मलेरिया और बुखार का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई वर्षों से गांव में बीमारी फैलने और मरीजों की मौत होने की बात ग्रामीण बता रहे हैं। पिछले वर्ष भी कई लोगों की जान गई थी। इसके बावजूद गांव में सफाई, जलभराव और मच्छर नियंत्रण की व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने के आरोप लग रहे हैं। इस बार दो दिन पहले 15 और उससे पहले आठ मरीजों में डेंगू के संभावित लक्षण मिले, जबकि गुरुवार को जांच में तीन मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलमगीर ने बताया कि गांव में पिछले दस दिनों से लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है। अब तक एक हजार से अधिक लोगों की जांच हो चुकी है। गुरुवार को 165 लोगों की जांच की गई, जिसमें तीन मरीज डेंगू से संक्रमित मिले। मरीजों का उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव में निगरानी कर रही है।

डॉ. कमलेश गंगवार के साथ अन्य चिकित्सक भी गांव पहुंचे और मरीजों की जांच की। ग्रामीणों को बीमारी से बचाव के उपाय और साफ-सफाई रखने के लिए जागरूक किया गया।

लगातार बीमारी के मामलों के बीच ग्रामीणों का गुस्सा ग्राम पंचायत की व्यवस्था को लेकर है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान रसीद हुसैन ने कार्यकाल की शुरुआत से गांव की सफाई और विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का दावा है कि प्रधान के कार्यकाल में गांव में विकास के नाम पर लगभग कोई काम नहीं हुआ। गांव के बाहर पशुओं के शव पड़े मिलने और सचिवालय परिसर में पशु बांधे जाने से गंदगी और कीचड़ की स्थिति बनी रहती है।

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान रसीद हुसैन और सचिव जाकिर अली की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों की मिलीभगत से गांव की समस्याओं की लगातार अनदेखी हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई, जलभराव और मच्छर नियंत्रण पर प्रभावी काम होता तो बीमारी के बढ़ते मामलों को रोकने में मदद मिल सकती थी।

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रधान और सचिव की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, सफाई व्यवस्था की स्थिति की जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीडीओ सर्वेश कुमार ने अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की टीम लगाने और ग्राम पंचायत अधिकारी को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर है।

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