बालाघाट (मध्य प्रदेश): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचे। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में बीमारी, कुपोषण और संक्रमण के चलते 30 से अधिक बैगा आदिवासी बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। राहुल गांधी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनका दर्द साझा किया और मीडिया से चर्चा कर राज्य व केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
1. “न दिल्ली सरकार है, न मध्य प्रदेश सरकार” — राहुल गांधी का तीखा हमला
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सरकार की उदासीनता पर गहरा दुख और गुस्सा जताया। राहुल गांधी ने कहा:
“यहाँ बीमारी और कुपोषण की वजह से कई बच्चों की मौत हुई है। स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार के मोर्चे पर सरकार की ओर से जो मदद मिलनी चाहिए थी, वह यहाँ पूरी तरह गायब है। ऐसा लगता है जैसे इन्हें भारत के दिल (मध्य प्रदेश) में लावारिस छोड़ दिया गया है, मानो इनके लिए न तो केंद्र सरकार अस्तित्व में है और न ही मध्य प्रदेश की सरकार।”
2. “यह मध्य प्रदेश में पूरी तरह से सरकारी विफलता है”
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा:
“यह मध्य प्रदेश में पूरी तरह से सरकारी विफलता है। आप जहाँ भी जाएँ, यही स्थिति दिखेगी। मैं इस गंभीर मुद्दे को लोकसभा में पूरी ताकत से उठाऊंगा। मैं न केवल इन बच्चों का मामला उठाऊंगा, बल्कि देश भर में आदिवासियों के साथ जो हो रहा है, उस पर संसद में सवाल करूंगा।”
3. “आप चौबीसों घंटे ‘विकास’ की बातें करते हैं, भ्रष्टाचार चरम पर है”
राहुल गांधी ने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए विकास के दावों की पोल खोली। उन्होंने कहा कि सरकार चौबीसों घंटे विकास की बातें करती है, जबकि धरातल पर भ्रष्टाचार 24 घंटे चरम पर है। उन्होंने आगे कहा:
“अगर मुख्यमंत्री जी को दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिले, तो उन्हें ज़मीनी हकीकत देखनी चाहिए। जमीन, मनरेगा (MGNREGA) और वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) से जुड़े आदिवासियों के मुद्दे आज भी अनसुलझे हैं।”
जमीनी हकीकत और मामला:
- बच्चों की मौतें: बालाघाट के बैहर और बिरसा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में कुपोषण, मलेरिया, खसरा, एनीमिया और डिहाइड्रेशन के कारण लगातार बच्चों की मौतें हुई हैं।
- अस्पतालों की बदहाली: स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यहाँ अस्पतालों में क्षमता से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है और बुनियादी सुविधाएं जैसे पीने के साफ पानी तक की भारी किल्लत है।
- दौरे का राजनीतिक असर: राहुल गांधी के साथ मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद रहे। कांग्रेस का आरोप है कि इतनी बड़ी त्रासदी के बाद भी प्रशासन सो रहा है और अब तक कोई बड़ा सरकारी प्रतिनिधि पीड़ित परिवारों से मिलने नहीं पहुंचा।


