रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर बेहद हिंसक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन के क्रिवी रिह (Kryvyi Rih) शहर में एक व्यस्त शॉपिंग सेंटर पर रूस ने आत्मघाती ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस दर्दनाक हमले में अब तक 16 निर्दोष नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
बचावकर्मियों को फंसाने के लिए रूस ने अपनाई ‘डबल-टैप’ रणनीति
इस हमले में रूसी सेना की एक बेहद क्रूर और खतरनाक साजिश सामने आई है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रूस ने यहाँ ‘डबल-टैप’ (Double-Tap Attack) रणनीति का इस्तेमाल किया।जब मॉल पर पहला ड्रोन गिरा, तो चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस और डॉक्टर घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे। ठीक 30 मिनट बाद, रूस ने जानबूझकर उसी जगह पर दूसरा ड्रोन दाग दिया। इस दूसरे हमले का मकसद राहत कार्य में जुटे बचावकर्मियों और मेडिकल स्टाफ को निशाना बनाना था। घायलों में कम से कम 23 बच्चे और कई डॉक्टर शामिल हैं।
राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के होमटाउन पर हमला
जिस क्रिवी रिह शहर को रूस ने निशाना बनाया है, वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) का गृह नगर (Home Town) है। इस हमले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कायरतापूर्ण और बर्बर आतंकवाद” करार दिया है। जेलेंस्की ने कहा कि आम नागरिकों और शॉपिंग मॉल को निशाना बनाना यह साबित करता है कि रूस केवल आतंक फैलाना चाहता है। उन्होंने पश्चिमी देशों से सुरक्षा के लिए और अधिक एयर डिफेंस सिस्टम देने की मांग की है।
वैश्विक स्तर पर फूटा गुस्सा, यूरोपीय संघ ने बताया ‘युद्ध अपराध’
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस की तीखी आलोचना हो रही है। यूरोपीय संघ (EU) ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन और एक युद्ध अपराध (War Crime) बताया है। वैश्विक नेताओं का कहना है कि सीधे तौर पर आम जनता और राहत कर्मियों को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यूक्रेन में इस समय रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी है।


