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सरदारपुर तहसील में बारिश की खिंच से फसलें सूखी, तालाब खाली – किसान और पशु दोनों संकट में, सरदारपुर को सूखाग्रस्त घोषित कर नर्मदा लिंक का पानी तालाबों में छोड़ा जाए

सरदारपुर तहसील में बारिश की खिंच से फसलें सूखी, तालाब खाली – किसान और पशु दोनों संकट में, सरदारपुर को सूखाग्रस्त घोषित कर नर्मदा लिंक का पानी तालाबों में छोड़ा जाए

सरदारपुर से दशरथ पाटीदार

सरदारपुर (धार)। सरदारपुर तहसील में इस बार बारिश की लंबी खिंच के कारण किसान के साथ-साथ पशुधन भी संकट में आ गया है। खेतों में दरारें पड़ गई हैं और सोयाबीन की फसल पीली पड़कर सूखने लगी है। उत्पादन पर 50-60% नुकसान का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अगली फसल गेहूं-चने की बोवनी को लेकर भी किसान चिंतित हैं।

सबसे बड़ी समस्या तालाबों की है – वर्तमान में तहसील के अधिकांश तालाब, तलैया और जलाशय पूरी तरह खाली पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के पीने के पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कई गांवों में पशुपालकों को 2-3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

किसानों की शासन से मांग –

  1. पूरे तहसील में फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए।
  2. सरदारपुर तहसील को सूखाग्रस्त घोषित करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
  3. विशेष मांग – वर्तमान में जो तालाब खाली पड़े हैं, उनमें नर्मदा लिंक परियोजना के पानी को छोड़ा जाए। यदि नर्मदा का पानी समय रहते हमारे तालाबों में डाल दिया जाता है तो कम से कम पशुओं के पीने के लिए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो सकेगी और जमीन में नमी भी बनी रहेगी, जिससे रबी की फसल की उम्मीद बनी रहेगी।

किसान अन्नदाता के साथ-साथ पशुपालक भी है, इसलिए फसल के साथ-साथ पशुधन को बचाना भी जरूरी है। शासन इस जनहित की मांग पर शीघ्र निर्णय ले।

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