Thursday, October 8, 2026

TOP NEWS

बेंगलुरु प्रदर्शन में गरजे...

बेंगलुरु प्रदर्शन में चुनाव आयोग के खिलाफ 'वोट चोर' का नारा लगाने वाले मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी के खुद के चुनावी रिकॉर्ड पर उठे गंभीर सवाल। जानिए साल 2014 से अब तक उनका अपना वोट कहाँ है और क्या है पूरा विरोधाभास।

CJP Bengaluru Protest: फ्रीडम...

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में CJP का महा-आंदोलन। ध्रुव राठी और प्रकाश राज ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

सीवान सदर अस्पताल में...

बिहार के सीवान सदर अस्पताल में मानवता शर्मसार। रजिस्ट्रेशन रूम के सामने रखे शव के गले से सोने की चेन चुरा ले गया नकाबपोश चोर, सनसनीखेज वारदात CCTV में कैद।

इंदौर में मिलावटी घी...

इंदौर में पैक्ड घी के 96 में से 28 सैंपल फेल! लैब टेस्ट में सीसे (Lead) की मात्रा तय सीमा से 10 गुना ज़्यादा मिली। जानें घर पर असली-नकली घी पहचानने के आसान तरीके।
HomeबिजनेसShare market में हाहाकार: एक ही झटके में स्वाहा हुए ₹8 लाख...

Share market में हाहाकार: एक ही झटके में स्वाहा हुए ₹8 लाख करोड़, क्या RBI और क्रूड ऑयल ने बिगाड़ा खेल?


नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए 8 अक्टूबर का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। सुबह के सत्र में जो बाजार बिल्कुल शांत नजर आ रहा था, दोपहर होते-होते वहां अचानक भगदड़ मच गई। पैनिक सेलिंग (घबराहट में बिकवाली) के चलते BSE Sensex ने 1,000 अंकों से अधिक की डुबकी लगाई, जबकि NSE Nifty 330 अंक से ज्यादा टूटकर 22,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। इस चौतरफा मार से दलाल स्ट्रीट पर कुछ ही घंटों में निवेशकों की करीब ₹8 लाख करोड़ की दौलत साफ हो गई।

आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि हरे निशान में रहने वाला बाजार अचानक लहूलुहान हो गया? आइए समझते हैं इस क्रैश के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

बाजार को डुबाने वाले ‘4 विलेन’

1. RBI की ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ का तगड़ा झटका

बाजार में अचानक आई इस गिरावट का सबसे बड़ा ट्रिगर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समीक्षा रही। केंद्रीय बैंक ने न सिर्फ करीब 4 साल बाद रेपो रेट में बढ़ोतरी का एलान किया, बल्कि अपने रुख को न्यूट्रल से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले दिनों में लोन और महंगे हो सकते हैं। बाजार को उम्मीद नहीं थी कि आरबीआई इतनी जल्दी सख्त रुख अपनाएगा, जिसके कारण बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे पहले बिकवाली शुरू हुई।

2. $102 के पार निकला कच्चा तेल, भारत की बढ़ी टेंशन

मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) $102 से $104 प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल बाहर से खरीदता है। तेल की कीमतों में यह आग घरेलू बाजार में महंगाई (Inflation) को दोबारा भड़का सकती है, इसी डर से निवेशकों ने हाथ पीछे खींच लिए।

3. विदेशी फंड्स (FIIs) का अमेरिका की तरफ पलायन

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड इस समय 20 साल के रिकॉर्ड स्तर के आसपास ट्रेड कर रही है। जब अमेरिका में बिना किसी जोखिम के सरकारी बॉन्ड पर शानदार रिटर्न मिल रहा हो, तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालना शुरू कर देते हैं। आज भी यही हुआ; FIIs की भारी बिकवाली के चलते रिलायंस और अडाणी पोर्ट्स जैसे हैवीवेट शेयर दबाव में आ गए।

4. ग्लोबल मार्केट्स में मंदी की सुगबुगाहट

घरेलू कारणों के साथ-साथ ग्लोबल संकेतों ने भी आग में घी का काम किया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की बैठक के जो मिनट्स सामने आए हैं, उनसे संकेत मिलता है कि साल के अंत तक वहां ब्याज दरें एक बार फिर बढ़ाई जा सकती हैं। इस खबर से एशियाई बाजारों में कमजोरी आई—साउथ कोरिया का कॉस्पी 2% और जापान का निक्केई 1% से ज्यादा टूट गया, जिसने भारतीय बाजार के सेंटिमेंट को पूरी तरह बिगाड़ दिया।

सेक्टर का हाल: IT ने संभाली कमान, बाकी सब धड़ाम

आज के इस क्रैश में सबसे ज्यादा मार मेटल, ऑटो, रियल्टी और ऑयल-गैस सेक्टर्स पर पड़ी, जहां 2 से 3 फीसदी की गिरावट देखी गई। हालांकि, इस तबाही के बीच आईटी सेक्टर (IT Sector) निवेशकों के लिए ढाल बनकर खड़ा रहा। टीसीएस (TCS), टेक महिंद्रा और इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों में निचले स्तरों पर खरीदारी देखी गई, जिसने बाजार को और बड़ी गिरावट से बचा लिया।

बाजार में यह गिरावट पूरी तरह से सेंटिमेंट और ग्लोबल ट्रिगर्स पर आधारित है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह घबराने का नहीं, बल्कि अच्छे और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को निचले स्तरों पर धीरे-धीरे (SIP के जरिए) अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने का सही मौका हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments