हैदराबाद:
तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन में उस समय बेहद भावुक और तनावपूर्ण माहौल पैदा हो गया, जब विधानसभा स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार सदन में ही रो पड़े। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता द्वारा कथित तौर पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा से आहत होकर स्पीकर अपने आंसू नहीं रोक पाए।
इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इसे लोकतंत्र का काला दिन बताया और कहा कि यह केवल स्पीकर का नहीं, बल्कि तेलंगाना के 4 करोड़ लोगों का अपमान है।
क्यों रो पड़े विधानसभा स्पीकर?
मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में भारी हंगामा और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह विवाद उस समय एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया, जब सदन के भीतर ही तेलंगाना विधानसभा के स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार भावुक होकर रो पड़े।
कांग्रेस और सरकार के मंत्रियों के अनुसार, विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले BRS के विधान परिषद सदस्य (MLC) टाटा मधु (मधुसूदन) ने विधानसभा परिसर के बाहर स्पीकर और उनके परिवार (माँ) के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक, अमर्यादित और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल किया था। इस बात की जानकारी जब सदन में आई, तो एक संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ दलित नेता स्पीकर गद्दम प्रसाद इस अपमान से बेहद आहत हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का तीखा हमला
इस घटना पर बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में BRS नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री ने कहा:
- लोकतंत्र का काला दिन: “एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन है।”
- 4 करोड़ लोगों का अपमान: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि स्पीकर की कुर्सी पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करती है। उनके और उनकी माँ के खिलाफ अपशब्द कहना पूरे तेलंगाना की 4 करोड़ जनता के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाना है।
- KCR से माफी की मांग: मुख्यमंत्री ने BRS प्रमुख और पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव (KCR) से इस कृत्य के लिए बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है, साथ ही आरोपी MLC की सदस्यता रद्द करने की भी वकालत की है।
विधानसभा के बाहर भी भारी ड्रामा और तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विधानसभा के बाहर भी माहौल बेहद गर्माया रहा। काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे BRS विधायकों की सुरक्षाकर्मियों के साथ तीखी बहस हुई। विधानसभा गेट पर एंट्री न मिलने और बढ़ते हंगामे को देखते हुए पुलिस ने केटीआर (KTR), हरीश राव और कई अन्य BRS नेताओं को हिरासत में ले लिया।
BRS नेता की सफाई
दूसरी तरफ, आरोपी BRS MLC टाटा मधु ने अपने ऊपर लगे इन आरोपों से इनकार किया है। उनका दावा है कि उन्होंने स्पीकर के खिलाफ कोई अमर्यादित बयान नहीं दिया, बल्कि उनका गुस्सा विधानसभा के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों के खराब व्यवहार को लेकर था। हालांकि, सत्तापक्ष इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है।


