Wednesday, October 7, 2026

TOP NEWS

आसमान में बड़ा हादसा...

पटना से आ रही इंडिगो फ्लाइट पर 17,000 फीट की ऊंचाई पर आकाशीय बिजली गिरने से अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

मंगलौर में कुमारी शैलजा...

मंगलौर में कुमारी शैलजा का जोरदार स्वागत, नारसन बॉर्डर पर उमड़ा जनसैलाबअर्जुन धारीवालमंगलौर/हरिद्वार।...

इंदौर में झकझोर देने...

इंदौर में गरीबी की दर्दनाक तस्वीर: पैसे न होने पर MY अस्पताल में पति के शव के पास रोती रही बेबस पत्नी, आखिरकार 2 साल की मासूम बेटी ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि। पूरी खबर पढ़ें।

Vivo Mega Launch: भारत...

Vivo India ने भारत में लॉन्च किए 3 नए धांसू स्मार्टफोन्स Vivo X Fold 6, V80 और S2 FE। लेटेस्ट Android 17, ज़ीस कैमरा और 10,000mAh बैटरी वाले फोन्स की कीमतें यहाँ देखें।
Homeदेशयूपीएफ-अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स की बिक्री में वृद्धि से बीमारियों के बढ़ने की संभावना

यूपीएफ-अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स की बिक्री में वृद्धि से बीमारियों के बढ़ने की संभावना

“यूपीएफ-” अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स की बिक्री में वृद्धि से बीमारियों के बढ़ने की संभावना

दुनिया के हर देश में लोगों को घर से ज्यादा बाहर का खाना रास आ रहा है। वर्ष 2023 में हुए एक शोध के अनुसार भारत के लोगों ने अपने खाने पीने के बजट का 50 प्रतिशत बाहर के खाने में व्यय करना शुरू कर दिया है। यानी या तो वे होटल रेस्टोरेंट में खाना खाने गए या फिर उन्होंने फूड डिलीवरी एप से घर पर ही बाहर का खाना मंगवाया। इस खाने में बच्चों व युवा की पहली पसंद जंकफूड होती है। अब अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड (यूपीएफ) की भारतीयों के खानपान में निरंतर वृद्धि हो रही है। इस खानपान में आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, पिज़्ज़ा, बर्गर, फ्रेंचफ्राइज,मीठे पेय जैसी चीजें आपके स्वाद को बढ़ा रही है, और इनके बिना आप रह नहीं सकते, तो समझ लीजिए, कि आपको अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की आदत लग चुकी है।
36 देशों में हुए अलग-अलग 281 शोध कार्यों से पता चला है कि दुनिया का हर सातवां युवा और आठवां बच्चा यूपीएफ का आदी हो गया है। ये फूड आहार की गुणवत्ता को कम करते हैं, एवं शरीर को इनसे पोषक तत्व भी नहीं मिल पाते हैं। इस फूड में चीनी, नमक, फाइबर के साथ अधिक मात्रा में कैलोरी होती है, एवं प्रोटीन बहुत ही कम मात्रा में होता है। यदि आप अपना स्वाद बदलने के लिए अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का लगातार सेवन करते रहेंगे तो यह अति प्रसंस्कृत आहार आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होगा। एक ताजा शोध में दावा किया गया है कि इसके अधिक सेवन से मुंह, गला, सिर व गर्दन का कैंसर विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसी तरह डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति अगर अधिक मात्रा में हाई यूपीएफ का इस्तेमाल करता है। तो स्वस्थ रहने के लिए किए गए उसके बाकी सभी उपायों का उसे अधिक लाभ नहीं मिल पाए।
बच्चों की सेहत बचाने की बड़ी पहल के अंतर्गत प्रमुख रूप से स्कूलों के 50 मीटर की दायरे में जंक फूड बेचने पर रोक लगाने की सिफारिश एक विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई है। जंक फूड की आदत बच्चों के सेहत के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। देश में पिछले वर्ष में जंक फूड की बिक्री 150% बढ़ी है। इससे सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ गई है। भारत में अति प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों की खपत लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2006 से इन उत्पादों की खुदरा बिक्री 0.9 अरब डालर थी, जो 2019 तक बढ़कर 37.9 अरब डालर पहुंच गई। इस तरह 2009 से 2023 के बीच जंक फूड की बिक्री में करीब 150 तेजी से बढ़ी है। इसके दूष्परिणाम ये है, कि जंक फूड के कारण मोटापा में भी तेजी से फैल रहा है ।बच्चों को अभी नहीं संभाला तो मोटापा, मधुमेह ,उच्च रक्तचाप ,हृदय रोग जैसी बीमारियां कम उम्र में ही सामान्य लगने लगेगी। जंक फूड के कारण 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 23.5 फीसदी भारतीय अधिक वजन या मोटापे के शिकार हो रहे हैं। पुरुषों में यह आंकड़ा 22.9 फ़ीसदी से बढ़कर 27.3 फीसदी और महिलाओं में 24 फीसदी से बढ़कर 30.7 फीसदी तक पहुंच गया है।
बच्चों का यूपीएफ के प्रति आकर्षण बहुत बढ़ रहा है। वही अधिक कैलोरी वाले जंक फूड ज्यादा खाने से बच्चों की रात की नींद भी पुरी नही हो पाती हैं। बच्चों की माताएं लंच बॉक्स में नूडल्स, फ्राई ब्रेड आदी गरिष्ठ व तैलीय चीजें पैक करती है, जिनके नियमित सेवन से भी बच्चों का वजन बढ़ता है। उल्लेखनिय है की यदि माता-पिता(पेरेंट्स) भी जंक फूड का सेवन करते हैं तो बच्चों में भी इनकी आदत लग जाती है। अतः खुद पेरेंट्स भी बाहर के खाने से बचे व बच्चों को भी उनके नुकसान के बारे में बताएं।
यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में प्रोफेसर टीम कोल कहते हैं की “सबसे बड़ी समस्या जंक फूड है। बच्चे फल, सब्जियां और फाइबर पर्याप्त मात्रा में नहीं खाते इसके बजाय सस्ता व ज्यादा कैलोरी वाला एवं कम पोषण वाला खाना खाते हैं इससे उन्हें बहुत नुकसान होता है।”
ब्रिटेन और अमेरिका में आधे से ज्यादा खाना यूपीएफ का होता है । जिससे वहाँ के पाँच साल तक के बच्चों की औसत ऊंचाई भी घट गई है।
यूपीएफ तमाम बीमारियों की जड़ बनने लगा है। आज एक और कुपोषण है ,वहीं दूसरी ओर अत्यधिक जंक फूड के सेवन से बीमारियों की चुनौती तेजी से बढ़ रही है। आज युवाओं में मोटापे व हार्ट अटैक के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे है। चेन्नई, दिल्ली व पुणे के स्कूलों में 30 प्रतिशत बच्चे ओवरवेट पाए गए है। आज बच्चे जंक फूड की आदत होने से खाने में केवल कैलोरी खा रहे है।आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में पैकेटों पर कड़े लेबलिंग के लिए खपत को रोकने के हेतु “हेल्थ टैक्स’” तक कई उपाय सुझाए जा रहे हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक 20 से 50 परसेंट हेल्थ टैक्स लगाने से अधिक चीनी ,नमक, फैट वाले जंक फूड की बिक्री घट सकती है। यह सुझाव पर्याप्त नहीं हो सकता है ,क्योंकि खाने वाले कीमत नहीं देखते हैं। टैक्स लगाने की बजाय कुछ नये कानून बनाकर कड़े नियम बनाने की आवश्यकता है।
एक रिपोर्ट से पता चला कि शहरों में रहने वाले लोग दोगुना प्रोसेस्ड फूड खाने लगे हैं एवं मध्यम आय परिवारों में यह तीन गुना तक बड़ा है। इन परिवारों में खाने के बजट का 25 प्रतिशत यूपीएफ पर खर्च किया जा रहा है। शहरों में रहने वाले 5 प्रतिशत लोग अपना किचन लगभग भूल ही गए हैं ।वे घर में खाना बनाते ही नही है। हमारे देश के शहरों में लोगों की आय बढ़ने पर पोष्टिक चीजों की बजाय यूपीएफ ज्यादा खा रहे हैं, फूड डिलीवरी एप्स भी इसकी बहुत बड़ी वजह है।
अब जंक फूड को करना होगा बाय-बाय, पढ़े लिखे युवाओं को इससे नाता तोड़ना होगा तभी वे स्वस्थ रहेंगे। सरकार को भी ऐसे टीवी विज्ञापनो के नियमों में संशोधन करना चाहिए। स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय के द्वारा सभी जंक फूड के लिए चेतावनी को भी अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।

डॉ. बी. आर. नलवाया पूर्व प्राध्यापक वाणिज्य मंदसौर मध्यप्रदेश

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments