Monday, October 12, 2026

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महंगाई का तगड़ा झटका! थोक महंगाई दर 8 महीने में सबसे ज्यादा, जानिए आप पर क्या होगा असर

नई दिल्ली: देश में आम जनता और कारोबारियों के लिए मोर्चे से एक चिंताजनक खबर आई है। अगस्त के महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित थोक महंगाई दर बढ़कर 9.92% पर पहुंच गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा सोमवार (14 सितंबर) को जारी किए गए अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले 8 महीनों का सबसे उच्चतम स्तर है। इससे पिछले महीने, यानी जुलाई में थोक महंगाई दर 9.78% दर्ज की गई थी।

क्यों बढ़ी थोक महंगाई?

मंत्रालय के मुताबिक, अगस्त के महीने में थोक महंगाई बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से फ्यूल-पावर, फूड इंडेक्स और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स (निर्मित उत्पादों) की कीमतों में आई भारी तेजी है। वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनावों और वेस्ट एशिया संकट के चलते कच्चे तेल और फर्टिलाइज़र की कीमतों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला है।

ईंधन और बिजली सेक्टर में सबसे बड़ा उछाल

इस बार थोक महंगाई को बढ़ाने में सबसे बड़ा हाथ ईंधन और बिजली (Fuel & Power) सेगमेंट का रहा है। अगस्त के महीने में ईंधन की थोक महंगाई दर उछलकर 22.93% पर पहुंच गई, जो कि जुलाई में 20.05% के स्तर पर थी। कच्चे तेल और मिनरल ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई तेजी की वजह से इस सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला है।

खाने-पीने की चीजें और निर्मित उत्पाद भी हुए महंगे

आम जनता की थाली पर असर डालने वाला फूड इंडेक्स (WPI Food Index) भी अगस्त में बढ़कर 7.05% हो गया, जबकि जुलाई में यह 6.65% था। इसका मतलब है कि थोक बाजार में अनाज, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री महंगी हुई हैं। इसके साथ ही मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की महंगाई दर भी जुलाई के 8.29% से बढ़कर अगस्त में 8.37% पर पहुंच गई है, जिससे मेटल और केमिकल्स जैसी औद्योगिक चीजों के निर्माण की लागत रिकॉर्ड स्तर पर आ गई है।

आम जनता पर क्या होगा इसका असर?

थोक महंगाई का सीधा असर कुछ समय बाद खुदरा (Retail) महंगाई पर पड़ता है। जब थोक बाजार में कच्चा माल, ईंधन और अनाज महंगे होते हैं, तो कंपनियां और उत्पादक अपनी लागत निकालने के लिए धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतें बढ़ा देते हैं। इसके चलते आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में रोजमर्रा की चीजें और ज्यादा महंगी होने की आशंका है।

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