भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश भर में दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल 24 घंटे खुले रह सकेंगे। श्रम विभाग ने ‘मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम’ में संशोधन करते हुए इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले से जहां देर रात तक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, वहीं राज्य में नाइट इकोनॉमी को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए सख्त नियम
प्रतिष्ठानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति देने के साथ ही सरकार ने कर्मचारियों के अधिकारों का विशेष ध्यान रखा है:
कार्य समय सीमा: दुकान या मॉल मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी कर्मचारी हफ्ते में 48 घंटे से अधिक काम न करे।
ओवरटाइम और विश्राम: यदि किसी कर्मचारी से तय समय से ज्यादा काम लिया जाता है, तो उसे नियमानुसार ओवरटाइम का भुगतान करना अनिवार्य होगा। साथ ही, हर 5 घंटे के काम के बाद कर्मचारियों को विश्राम (Rest Period) देना जरूरी होगा।
साप्ताहिक छुट्टी: 24 घंटे संचालन के बावजूद हर कर्मचारी को हफ्ते में एक दिन (24 घंटे) की पूर्ण छुट्टी देना अनिवार्य किया गया है।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
सुरक्षा मानकों को लेकर सरकार ने कड़े दिशानिर्देश तय किए हैं। प्रतिष्ठान के परिसर और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अब संस्थान के मालिक (मालिकों) पर होगी:
महिला सुरक्षा: रात की पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लिए उनके घर तक सुरक्षित परिवहन (कैब/कैब सुविधा) की व्यवस्था मालिक को करनी होगी।
सीसीटीवी कवरेज: संस्थान के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और परिसर में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा निगरानी बनी रहे।
इमरजेंसी सुविधा: कार्यस्थल पर प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और आपातकालीन संपर्क नंबरों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
व्यापार को मिलेगा बढ़ावा, खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
सरकार के इस कदम से सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटीईएस, टूरिज्म और रिटेल सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों और यात्रियों को देर रात खान-पान व जरूरी सामान की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, शिफ्ट में काम होने से नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।


