Monday, September 28, 2026

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महंगाई की मार: फिर बिगड़ेगा रसोई का बजट, मूंगफली और अन्य खाद्य तेलों में उछाल



आम जनता पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ने वाला है। सब्जियों और अन्य राशन के सामान के बाद अब खाने वाले तेल (एडिबल ऑयल) के दामों में तेजी से उछाल देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल और घरेलू बाजार में आवक प्रभावित होने के कारण सभी प्रमुख खाद्य तेलों के भाव बढ़ गए हैं।
प्रमुख तेलों में भारी बढ़ोतरी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में मूंगफली तेल, सोयाबीन तेल, पाम ऑयल और सूरजमुखी (सनफ्लावर) तेल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मूंगफली तेल: खुदरा बाजार में मूंगफली का तेल अब 180 से 195 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
सोयाबीन व सनफ्लावर ऑयल: इनमें भी 8 से 12 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
पाम ऑयल: सबसे सस्ता माना जाने वाला पाम ऑयल भी अब महंगा हो चुका है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
कारोबारियों का कहना है कि प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और तिलहन की आवक कम होने से मूंगफली तेल की पेराई लागत बढ़ गई है। इसके अलावा, भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परिवहन लागत और आयात शुल्क में बदलाव का सीधा असर भारतीय बाजारों में देखने को मिल रहा है।
आम गृहणियों की बढ़ी चिंता
त्योहारों के सीजन के बीच तेल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी और खासकर गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है। रसोई में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले तेलों के दाम बढ़ने से महीने का पूरा राशन बजट गड़बड़ा गया है।
आगे क्या हैं आसार?
व्यापारियों का अनुमान है कि जब तक बाजारों में नई तिलहन फसल की आवक जोर नहीं पकड़ती और आपूर्ति सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है। आम जनता अब सरकार से करों में राहत देने की मांग कर रही है।

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