( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
एनटीवी टाइम न्यूज पीथमपुर/ औद्योगिक शहर पीथमपुर में नगर पालिका परिषद के सफाई कर्मचारी अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के अचानक काम बंद करने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और कई इलाकों में सड़कों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरे का अंबार लगने लगा है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और नगर पालिका स्तर पर आवेदन दे रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन ही मिलता रहा है। लगातार अनदेखी से नाराज होकर कर्मचारियों ने काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का कड़ा फैसला लिया है।
सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ठेका (आउटसोर्स) व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर स्थायी रोजगार सुरक्षा प्रदान करना और पिछले 10 वर्षों से सेवा दे रहे दैनिक वेतनभोगी व विनियमित कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने मांग रखी है कि वेतन का भुगतान नियम अनुसार माह के पहले सप्ताह में किया जाए, क्योंकि वर्तमान में 15 से 20 तारीख तक वेतन मिलने से कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है। साथ ही शासन की योजनाओं के तहत समय पर पीएफ (PF) काटने और ठेकेदार कर्मचारियों के वेतन में देरी रोकने की मांग की गई है।
कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई है कि यदि कोई कर्मचारी स्वास्थ्य कारणों या मेडिकल आधार पर अनफिट हो जाता है, तो उसके स्थान पर परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए। मांग पत्र में विनियमित कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय 10 लाख रुपये का भुगतान करने, कार्य के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को 50 हजार रुपये मृत्यु फंड व अनुकंपा नियुक्ति देने तथा पूरे वर्ष काम करने के बदले दीपावली बोनस और अतिरिक्त वेतन देने की बात भी शामिल है।
मामले में मध्य प्रदेश महावाल्मीकि पंचायत के पीथमपुर शहर अध्यक्ष जितेंद्र परोत्या ने बताया कि यह हड़ताल सिर्फ पीथमपुर में ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सभी जिलों में चल रही है। सफाई कर्मचारियों को बार-बार केवल आश्वासन दिया जाता है और उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, जिससे तंग आकर वे काम बंद हड़ताल पर हैं। उन्होंने बताया कि अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी नगर पालिका में सीएमओ मैडम के पास पहुंचे हैं। जितेंद्र परोत्या ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का लिखित और ठोस समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के कारण घर-घर से कचरा कलेक्शन और सड़कों की सफाई का काम पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। यदि प्रशासन और नगर पालिका स्तर पर जल्द ही वार्ता कर कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैl


