उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन-इंदौर हाईवे से एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ उज्जैन से इंदौर की तरफ जा रही एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई। बस के भीतर धुआं भरते ही चीख-पुकार मच गई और मुसाफिरों ने खिड़कियों से कूदकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। गनीमत यह रही कि सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए और एक बड़ा हादसा टल गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 12:15 बजे उज्जैन से 15 किलोमीटर दूर रामवासा क्षेत्र के पास हुई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार बस का अचानक टायर फट गया, जिससे ड्राइवर का नियंत्रण खो गया। टायर फटने के तुरंत बाद घर्षण की वजह से चिंगारी उठी, जिसने डीजल टैंक या वायरिंग को चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले बस कंकाल में तब्दील हो चुकी थी।
‘सुगम सेवा’ या ‘सूत्र सेवा’? पहचान पर छिड़ा विवाद
इस हादसे के बाद प्रशासन और बस की पहचान को लेकर एक नया मोड़ आ गया है:
- विजुअल्स में ‘सुगम परिवहन सेवा’: घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि बस के फ्रंट ग्लास पर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ लिखा हुआ है।
- अधिकारियों का दावा: दूसरी ओर, उज्जैन आरटीओ (RTO) और कलेक्टर रोशन सिंह का कहना है कि यह बस ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की नहीं, बल्कि प्राइवेट ऑपरेटर द्वारा चलाई जा रही ‘सूत्र सेवा’ की एक पुरानी डीजल बस थी।
जांच के घेरे में फिटनेस और सरकारी नेमप्लेट
हादसे के बाद पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) एक्टिव हो गए हैं। अब इस बात की बारीकी से जांच की जा रही है कि अगर यह बस प्राइवेट ऑपरेटर की पुरानी गाड़ी थी, तो इस पर सरकारी योजना का नाम और बैनर क्यों लगाया गया था? इसके साथ ही बस के फिटनेस सर्टिफिकेट और इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन द्वार) के चालू होने की भी जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


