Friday, October 30, 2026

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राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल: देशभर में बैंकिंग सेवाएं ठप, मध्य प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में लटके ताले

राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल: देशभर में बैंकिंग सेवाएं ठप, मध्य प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में लटके ताले

भोपाल/इंदौर। देश के बैंकिंग सेक्टर से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर आज यानी 11 सितंबर 2026 को पूरे देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी बैंक कर्मचारी और अधिकारी सामूहिक हड़ताल पर चले गए हैं। बैंक प्रबंधन और केंद्र सरकार के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में वित्तीय कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।

मध्य प्रदेश में व्यापक असर, लगातार 3 दिन बंद रहेंगे बैंक

इस देशव्यापी आंदोलन का मध्य प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिल रहा है। आज शुक्रवार को हड़ताल होने के कारण प्रदेश की करीब 7,000 से अधिक बैंक शाखाओं में सुबह से ही ताले लटके नजर आए। चूंकि कल महीने का दूसरा शनिवार है और परसों रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है, इसलिए बैंकों में कामकाज लगातार 3 दिनों तक प्रभावित रहेगा। प्रदेश के करीब 40 हजार बैंक कर्मी इस आंदोलन में शामिल हैं, जिससे करोड़ों रुपये का व्यापारिक लेनदेन अटक गया है।

इन प्रमुख मांगों को लेकर अड़े कर्मचारी

यूनियन पदाधिकारियों के मुताबिक, यह हड़ताल मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगों को लेकर की जा रही है:

  • 5-डे वर्किंग वीक की अंतिम मंजूरी: बैंक कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि बैंकों में हर शनिवार को अवकाश घोषित कर सप्ताह में केवल 5 दिन काम (5-Day Banking) लागू किया जाए। हालांकि इस पर पहले सहमति बन चुकी थी, लेकिन सरकार से अंतिम अधिसूचना जारी होना अभी बाकी है।
  • परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का विरोध: स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू की गई नई पीएलआई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। यूनियंस का आरोप है कि यह नीति कर्मचारियों के बीच भेदभाव पैदा कर रही है।
  • इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और पेंशन अपडेशन जैसे मुद्दे भी इस आंदोलन का हिस्सा हैं।

आम जनता पर क्या होगा असर?

इस हड़ताल के कारण बैंकों में चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनाने, लोन प्रोसेसिंग और कैश जमा-निकासी जैसे सभी कागजी और मैनुअल काम पूरी तरह ठप रहेंगे। हालांकि, राहत की बात यह है कि इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई (UPI) जैसी डिजिटल सेवाएं हमेशा की तरह सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। लेकिन लगातार तीन दिन बैंक बंद होने के कारण एटीएम (ATM) में कैश की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

बैंक यूनियनों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को भी 3 दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया गया है। चूंकि उससे ठीक पहले शनिवार और रविवार हैं, इसलिए सितंबर के अंत में लगातार 5 दिनों तक बैंक बंद रह सकते हैं। वहीं, समस्या का समाधान न होने पर 26 अक्टूबर से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल की शुरुआत की जाएगी।

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