कच्चा तेल 100 डॉलर पार: अमेरिका-ईरान तनाव का असर
कच्चा तेल 100 डॉलर पार, 6 हफ्ते में सबसे महंगा
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने का असर, पेट्रोल-डीजल और LPG महंगी हो सकती है
नई दिल्ली/इंदौर | अपडेटेड: 9 सितंबर, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 2% से अधिक बढ़कर 100.07 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह पिछले 6 हफ्तों का इसका उच्चतम स्तर है और 24 जुलाई के बाद पहली बार कच्चे तेल ने इस मनोवैज्ञानिक स्तर को पार किया है।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के कारण दुनिया के सबसे प्रमुख तेल शिपिंग रूट होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। खाड़ी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हुए हमलों तथा ईरान के महत्वपूर्ण क्रूड-एक्सपोर्ट हब के पास बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इसी बीच अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 1.83% की बढ़त के साथ 94.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
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भारत पर क्या होगा इसका सीधा असर?
- पेट्रोल और डीजल की कीमतें: घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं।
- घरेलू LPG सिलेंडर: रेटिंग एजेंसियों के अनुसार, लागत बढ़ने के कारण रसोई गैस सिलेंडर के दाम ₹200 तक बढ़ने की संभावना है।
- महंगाई और रुपया: ऊर्जा आयात महंगा होने से भारत का चालू खाता घाटा बढ़ेगा, जिससे भारतीय रुपये में कमजोरी और घरेलू बाजार में चौतरफा महंगाई आ सकती है।
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