नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके कनॉट प्लेस में आज उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब निर्वाचन आयोग की नीतियों के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान एक कश्मीरी मुस्लिम युवक के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना एक रेस्टोरेंट के बाहर की है, जहाँ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी नेताओं को लंच पर आमंत्रित किया था। पीड़ित युवक की पहचान श्रीनगर निवासी फहीम नजीर के रूप में हुई है, जिसने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रशंसक बताया है।
क्या है पूरा मामला?
चुनाव आयोग की नीतियों और ईवीएम के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन चल रहा था। इसी दौरान फहीम नजीर वहां पहुंचे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दलों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए पोस्टर भी दिखाए।
शुरुआत में वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों और मीडिया कैमरों के अनुसार, भीड़ ने युवक को घेर लिया, उसके साथ धक्का-मुक्की की और थप्पड़ बरसाए। कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर युवक को भीड़ से अलग किया।
पीड़ित युवक का बयान: ‘यह कैसी अभिव्यक्ति की आजादी?’
घटना के बाद मीडिया से बात करते हुए फहीम नजीर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैंने राहुल गांधी को कोई अपशब्द नहीं कहे, लेकिन इसके बावजूद मुझे बुरी तरह पीटा गया। ईवीएम को पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ही लेकर आए थे, जब विपक्ष जीतता है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती। मैंने किसी संगठन के तहत नहीं, बल्कि एक नागरिक के तौर पर यह बताने की कोशिश की कि देश के खिलाफ साजिश हो रही है। क्या देश में अब अपनी बात रखने की आजादी नहीं बची है?”
कांग्रेस समर्थकों का आरोप
दूसरी तरफ, प्रदर्शन में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आरोप था कि उक्त युवक केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के इरादे से वहां आया था। उनका दावा था कि युवक ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित रूप से अभद्र और अपशब्द भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क गया।
घटना पर गरमाई राजनीति
इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि खुद को लोकतंत्र और ‘मोहब्बत की दुकान’ का पैरोकार बताने वाले लोग देश के एक आम नागरिक की आवाज को हिंसा के दम पर दबा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या कश्मीरी मुस्लिम युवक का पीएम मोदी का प्रशंसक होना कोई अपराध है?
कनॉट प्लेस में हुई इस घटना ने राजधानी में चल रहे सियासी प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा और राजनीतिक सहिष्णुता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और घटना के वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


