दिग्ठान में मठ मंदिर और माता जी मंदिर मार्ग के अतिक्रमण को लेकर मामला गरमाया
लाखन चौधरी ने उठाई कार्रवाई की मांग — बोले, “अब चुप्पी नहीं चलेगी, जनता को बयान नहीं, धरातल पर परिणाम चाहिए”
राहुल सेन मांडव
दिग्ठान न्यूज/मालवा की वैष्णो देवी की पावन नगरी दिग्ठान में प्राचीन मठ मंदिर एवं माता जी मंदिर मार्ग से जुड़े अतिक्रमण और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा अब जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। जनहित से जुड़े इस मामले को लेकर लाखन चौधरी ने प्रशासन के समक्ष जांच, सीमांकन और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग उठाई है।
ग्राम पंचायत से लेकर प्रशासन तक पहुंची आवाज
लाखन चौधरी के अनुसार, 19 सितंबर को ग्राम पंचायत सचिव को आवेदन दिया गया है। साथ ही जनपद सीईओ को व्हाट्सऐप के माध्यम से पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
वहीं प्रभारी मंत्री को भी आवेदन संबंधी जानकारी भेजी गई है तथा भाजपा जिला अध्यक्ष को भी व्हाट्सऐप के माध्यम से पूरे मामले से अवगत कराया गया है। चौधरी के अनुसार, आने वाले समय में कलेक्टर महोदय को भी आवेदन दिया जाएगा।
अतिक्रमण की जांच और सीमांकन की मांग
लाखन चौधरी ने मांग की है कि मठ मंदिर एवं माता जी मंदिर मार्ग की मौके पर जांच कराई जाए तथा सरकारी अभिलेखों के अनुसार नाप-जोख और सीमांकन किया जाए।
यदि जांच में नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाता है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और सार्वजनिक मार्ग को सुगम बनाया जाए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेवर्स ब्लॉक और शौचालय की मांग
माता जी मंदिर मार्ग पर पेवर्स ब्लॉक लगाने, पर्याप्त शौचालय की व्यवस्था करने, नाली एवं स्वच्छता व्यवस्था सुधारने तथा श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है।
नवरात्रि सहित धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और माता-बहनों के पहुंचने को देखते हुए इन सुविधाओं को आवश्यक बताया गया है।
जनप्रतिनिधियों के लिए दो टूक संदेश
लाखन चौधरी ने जनप्रतिनिधियों के लिए तीखा संदेश देते हुए कहा—
«“दिग्ठान की जनता अब सिर्फ कागजी कार्रवाई और आश्वासन सुनने के लिए तैयार नहीं है। मठ मंदिर और माता जी मंदिर मार्ग का मुद्दा वर्षों तक फाइलों में दबा रहे, यह जनता स्वीकार नहीं करेगी। यह रास्ता श्रद्धालुओं की आस्था और सार्वजनिक आवागमन से जुड़ा है।”»
उन्होंने कहा—
«“जनप्रतिनिधियों को अब मैदान में उतरना होगा। मौके पर आकर स्थिति देखनी होगी, प्रशासन के सामने जनता की आवाज मजबूती से रखनी होगी और जांच, सीमांकन तथा नियमों के अनुसार कार्रवाई के लिए स्पष्ट पहल करनी होगी।”»
लाखन चौधरी ने आगे कहा—
«“जनता का सवाल बिल्कुल साफ है—आखिर कब तक इंतजार? कब तक आवेदन? कब तक आश्वासन? अब समय है परिणाम का।”»
उन्होंने कहा कि माता जी के मार्ग पर श्रद्धालुओं को परेशानी हो, रास्ते की व्यवस्था का सवाल उठे और जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल औपचारिकता तक सीमित रहे—यह स्थिति बदलनी चाहिए।
“बयान नहीं—मौके पर पहल चाहिए, आश्वासन नहीं—धरातल पर परिणाम चाहिए”
लाखन चौधरी ने कहा—
«“जनता किसी के खिलाफ नहीं है, लेकिन जनता अपने अधिकार और अपने धार्मिक स्थल से जुड़े रास्ते के लिए आवाज जरूर उठाएगी। अब चुप्पी नहीं चलेगी। जनप्रतिनिधियों को जनता के साथ खड़ा होकर अपनी भूमिका निभानी होगी। बयान नहीं—मौके पर पहल चाहिए, आश्वासन नहीं—धरातल पर परिणाम चाहिए।”»
अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की मांग
लाखन चौधरी ने कहा कि सरकार अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई कर रही है, लेकिन उनके अनुसार दिग्ठान में आज दिनांक तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने मांग की कि यदि जांच में नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाता है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। चौधरी ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में होने वाली बुलडोजर कार्रवाई का उदाहरण देते हुए मध्य प्रदेश में भी नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
ग्राम पंचायत सचिव को आवेदन, जनपद सीईओ को व्हाट्सऐप के माध्यम से दी गई जानकारी, प्रभारी मंत्री और भाजपा जिला अध्यक्ष को दी गई सूचना तथा आगामी कलेक्टर आवेदन के बाद अब इस मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।
दिग्ठान के मठ मंदिर और माता जी मंदिर मार्ग से जुड़े इस मुद्दे पर अब मुख्य मांग यही है कि मौके की जांच हो, सीमांकन हो, नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो और श्रद्धालुओं के लिए मार्ग की आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं।


