( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )
पीयू-4 स्थित इंकग्राफ के ऑफिस और महालक्ष्मी नगर में अर्पित-अपूर्व जोशी के घर पहुंची टीम; 10 से ज्यादा अधिकारी जांच में जुटे, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और लेन-देन का हिसाब खंगाला
एनटीवी टाइम न्यूज इंदौर/ शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। ED की टीम ने कंपनी के पीयू-4 स्थित कार्यालय के साथ संचालक अर्पित जोशी और अपूर्व जोशी के महालक्ष्मी नगर स्थित आवास पर भी एक साथ दबिश दी। कार्रवाई में स्थानीय अधिकारियों के साथ दिल्ली से पहुंचे अधिकारी भी शामिल रहे। सुबह करीब 6 बजे ED के अधिकारी कंपनी के कार्यालय पहुंचे और जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि कार्रवाई में 10 से अधिक अधिकारी शामिल हैं। देर रात तक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात की जांच चलती रही।
विदेशी भुगतान और फंड ट्रांसफर पर नजर
कंपनी के कामकाज में विदेशी भुगतान, फंड ट्रांसफर, गेमिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़े लेन-देन को लेकर ED की जांच चल रही है। कंपनी का अमेरिका के फ्लोरिडा में भी कार्यालय बताया गया है। हालांकि, फिलहाल ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए जांच में सामने आए तथ्यों और संभावित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर अंतिम निष्कर्ष कार्रवाई पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
घर और दफ्तर दोनों जगह दस्तावेज खंगाले
कार्रवाई के दौरान ED की अलग-अलग टीमें कंपनी के संचालक जोशी बंधुओं के घर पहुंचीं। इसके बाद कार्यालय में लॉकर, रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू की गई। शाम के समय कंपनी के कुछ कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। अधिकारियों ने कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई।
करीब 10 साल से चल रही थी कंपनी
पीयू-4 में संचालित इंकग्राफ को अर्पित और अपूर्व जोशी संचालित करते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी करीब दस वर्षों से इंदौर में काम कर रही है और यहां लगभग 40 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी का कामकाज सामान्य कार्यालयों की तुलना में अलग समय-सारणी में चलता था।
शाम से तड़के तक चलता था ऑफिस
कंपनी में कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में काम करते थे। कुछ कर्मचारी शाम करीब 4 बजे, जबकि अन्य करीब 6 बजे कार्यालय पहुंचते थे और कामकाज तड़के 3 से 4 बजे तक चलता था। रात में कार्यालय संचालित रखने के लिए कंपनी ने स्थानीय पुलिस को सॉफ्टवेयर संबंधी काम और शिफ्ट व्यवस्था की जानकारी दी थी। इसी आधार पर रात में कार्यालय खुला रखने की अनुमति ली गई थी।
अमेरिका और यूरोप की कंपनियों का काम
बताया जा रहा है कि इंकग्राफ अमेरिका और यूरोप की कुछ कंपनियों के लिए आउटसोर्स बैकऑफिस और कॉल सेंटर सेवाएं उपलब्ध कराती थी। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड और गेमिंग क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए भी काम किया जाता था। कंपनी विदेशी ग्राहकों के लिए पेमेंट गेटवे मैनेजमेंट से जुड़े काम में भी शामिल रही है। इसी कारोबारी गतिविधि के दौरान सामने आए संदिग्ध लेन-देन और फंड ट्रांसफर को ED की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विदेशी छुट्टियों के हिसाब से मिलती थी कर्मचारियों को छुट्टी
कंपनी का कामकाज विदेशी क्लाइंट्स पर केंद्रित होने के कारण कर्मचारियों की छुट्टियां भी कथित तौर पर विदेशी देशों के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार तय की जाती थीं। अब ED यह खंगाल रही है कि कंपनी के विदेशी ग्राहकों से होने वाले भुगतान, पेमेंट गेटवे के जरिए होने वाले लेन-देन और फंड ट्रांसफर का पूरा नेटवर्क क्या था।
देशभर में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर ED की कार्रवाई
ED देशभर में धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध धन के लेन-देन की जांच करती है। एजेंसी ने हाल के दिनों में गेमिंग और अन्य वित्तीय मामलों से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है।इंदौर में हुई यह कार्रवाई भी उसी तरह की वित्तीय जांच का हिस्सा बताई जा रही है, हालांकि इंकग्राफ के मामले में ED की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत निष्कर्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।


