Saturday, September 5, 2026

TOP NEWS

‘नाराज फूफा’ जैसे हैं...

सभी नाराज फूफाओं को भारत ने जवाब दिया', Gen-Z से सीधी बात में...

हैदराबाद में टाटा ग्रुप...

हैदराबाद में लगेगा भारत का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर; टाटा ग्रुप (TCS)...

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर:...

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: अमेरिकी सेना ने ईरान के 3 तेल टैंकरों को...

श्री राधा माधव मंदिर...

श्री राधा माधव मंदिर ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव धूम धाम से मनायाचंडीगढ़,...
Homeमध्य प्रदेश"कैलाश जी मुगालते में मत रहिए, राहुल गांधी के आने से भाजपा...

“कैलाश जी मुगालते में मत रहिए, राहुल गांधी के आने से भाजपा को सिर्फ ‘घंटा’ फायदा होगा”, इंदौर में गरजीं रागिनी नायक

“कैलाश जी मुगालते में मत रहिए, राहुल गांधी के आने से भाजपा को सिर्फ ‘घंटा’ फायदा होगा”, इंदौर में गरजीं रागिनी नायक

इंदौर:
मध्य प्रदेश के मालवा अंचल की राजनीति में इस समय बयानों के तीखे तीर चल रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी इंदौर आगमन से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने की जंग शुरू हो गई है। सूबे के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा राहुल गांधी के दौरों पर कसे गए तंज के जवाब में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने इंदौर प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेहद कड़ा और आक्रामक पलटवार किया है। रागिनी नायक ने ऑन-कैमरा बेहद बेबाक अंदाज में मंत्री को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दे डाली।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का वह बयान जिस पर मचा है घमासान

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर चुटकी ली थी। उन्होंने बड़े आत्मविश्वास के साथ दावा करते हुए कहा था:

“राहुल गांधी जब भी इंदौर या मध्य प्रदेश आते हैं, तो उससे कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ नहीं होता। वह जब-जब आते हैं, उससे हमेशा हमें (भाजपा को) ही फायदा होता है। उनके आने से हमारी पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत हो जाता है।”

रागिनी नायक का हूबहू पलटवार: “खुद का मजाक बना रहे हैं”

शनिवार को इंदौर प्रेस क्लब में पत्रकारों ने जब रागिनी नायक के सामने मंत्री विजयवर्गीय के इस दावे को रखा, तो कांग्रेस प्रवक्ता ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनके इस बयान की धज्जियां उड़ा दीं। रागिनी नायक ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा:

“यह कैलाश विजयवर्गीय जी न बेचारे, अब जो कुछ भी बोलते हैं उससे उनका खुद का ही मज़ाक बन जाता है। अगर वह यह सोचकर और इस मुगालते में बैठे हैं कि राहुल गांधी जी के आने से भाजपा को कोई चुनावी या राजनीतिक लाभ मिलने वाला है, तो मैं ऑन-रिकॉर्ड साफ-साफ कह दूं— घंटा फायदा होगा कैलाश विजयवर्गीय जी! दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले थोड़ा सोचिए और अपने गिरेबान में झांककर देखिए। अब तक तो उन्हें इंदौर के पुराने वाकयों और विवादों से ही सबक सीख लेना चाहिए था।”

जातिगत जनगणना के मुद्दे पर सरकार को घेरा

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रागिनी नायक ने केवल स्थानीय नेताओं पर ही निशाना नहीं साधा, बल्कि उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को देशव्यापी जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सीधा प्रहार करते हुए कहा:

“भाजपा केवल चुनाव के समय जातियों के नाम पर वोट बटोरने निकल पड़ती है। लेकिन जब समाज के हर पिछड़े वर्ग को उनका वास्तविक अधिकार और न्यायसंगत हिस्सेदारी देने के लिए जातिगत जनगणना की मांग उठती है, तो सरकार इसमें गड़बड़ियां करने लगती है और पैर पीछे खींच लेती है। जो लोग इसकी मांग करते हैं, उन्हें ‘अर्बन नक्सल’ सोच वाला करार दे दिया जाता है। असलियत यह है कि बिना सटीक आंकड़ों के समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को समानता और हक देना पूरी तरह असंभव है।”

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बदलाव की वजह

राजनीतिक बयानबाजी के समानांतर, राहुल गांधी के इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर भी प्रशासनिक गतिरोध पैदा हो गया है। दरअसल, यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को नेहरू स्टेडियम में होना तय हुआ था, लेकिन इंदौर नगर निगम प्रशासन ने खेल मैदानों के व्यावसायिक और राजनीतिक उपयोग पर न्यायालय के पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति निरस्त कर दी।

इस प्रशासनिक रोक पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा इस छात्र संवाद को मिल रहे भारी जनसमर्थन से घबरा गई है और जानबूझकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। हालांकि, कांग्रेस संगठन ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब रणनीति में बदलाव करते हुए इस कार्यक्रम की तारीख को आगे बढ़ा दिया गया है और यह आगामी 19 सितंबर को इंदौर में ही पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा। इस तीखी बयानबाजी के बाद सोशल मीडिया से लेकर मैदानी स्तर तक दोनों ही दलों के बीच घमासान तेज हो गया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments