नई दिल्ली:
दिल्ली में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ ‘INDIA’ गठबंधन के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद सियासी पारा पूरी तरह गर्मा गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर के पास विपक्षी नेताओं और सांसदों को पुलिस द्वारा रोके जाने व हिरासत में लिए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा किया है।
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पूरी व्यवस्था को न्याय के कटघरे में लाने का दावा करते हुए लिखा, “मैं INDIA गठबंधन के हर उस सांसद का आभारी हूं, जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए संसद के अंदर, सड़कों पर और आज जंतर-मंतर के पास मजबूती से खड़ा रहा। वे एक मार्च रोक सकते हैं। वे बैठक से इनकार कर सकते हैं। लेकिन वे हमारे लोगों की इच्छाशक्ति को नहीं रोक सकते।”
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लगातार ‘सेव डेमोक्रेसी’ (Save Democracy) मार्च निकाल रहे हैं। बुधवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार से जंतर-मंतर की ओर कूच किया था।
छावनी में तब्दील हुई दिल्ली, हिरासत में लिए गए नेता
प्रदर्शन की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर पहले ही अशोक रोड पर बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। पुलिस ने इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू होने का हवाला दिया।
इस दौरान सुरक्षा बलों और विपक्षी नेताओं के बीच तीखी धक्का-मुक्की देखने को मिली, जिसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रियंका गांधी हाथ में संविधान की प्रति लेकर सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली में करीब 20 हजार केंद्रीय बलों (CAPF) के जवानों को तैनात किया गया है।
“सिस्टम को न्याय के कटघरे में लाएंगे”
हिरासत से रिहा होने के बाद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक बयान और पोस्ट में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने साफ लफ्जों में चेतावनी देते हुए लिखा कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार और इस पूरी व्यवस्था को लोकतंत्र से खिलवाड़ करने के लिए न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि विपक्ष का यह प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।


